women reservation bill 850 lok sabha seats how article 81 important महिला आरक्षण के लिए आर्टिकल 81 में बदलाव क्यों जरूरी, 850 सांसदों में से कहां होंगे कितने, India News in Hindi - Hindustan
More

महिला आरक्षण के लिए आर्टिकल 81 में बदलाव क्यों जरूरी, 850 सांसदों में से कहां होंगे कितने

महिला आरक्षण के लिए सबसे अहम संशोधन संविधान के आर्टिकल 81 में होना है। इस अनुच्छेद में ही लोकसभा की सदस्य संख्या को लेकर प्रावधान हैं। फिलहाल इस अनुच्छेद में वर्णित है कि लोकसभा सदस्यों की कुल संख्या 552 हो सकती है, जिनमें से अधिकतम 550 निर्वाचित हो सकते हैं, जबकि दो ऐंग्लो इंडियन होंगे।

Wed, 15 April 2026 10:15 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
महिला आरक्षण के लिए आर्टिकल 81 में बदलाव क्यों जरूरी, 850 सांसदों में से कहां होंगे कितने

महिला आरक्षण को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से ही लागू करने के लिए 2023 में पारित कानून में संशोधन किया जाना है। इसके लिए गुरुवार से संसद के दोनों सदनों का सत्र बुलाया गया है और इस दौरान सभी जरूरी विधेयक रखे जाएंगे ताकि उन्हें मंजूरी दिलाकर आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज की जा सके। इस बीच सबसे अहम संशोधन संविधान के आर्टिकल 81 में होना है। इस अनुच्छेद में ही लोकसभा की सदस्य संख्या को लेकर प्रावधान हैं। फिलहाल इस अनुच्छेद में वर्णित है कि लोकसभा सदस्यों की कुल संख्या 552 हो सकती है, जिनमें से अधिकतम 550 निर्वाचित हो सकते हैं, जबकि दो ऐंग्लो इंडियन होंगे।

अब इसी में संशोधन किया जाएगा और प्रस्ताव रखा जाएगा कि लोकसभा में सांसदों की अधिकतम संख्या 850 तक हो सकेगी। अब तक मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल 816 निर्वाचित सांसद ही होंगे, लेकिन भविष्य में इसकी संख्या को 850 तक बढ़ाया जा सकता है। चर्चा है कि लिमिट तय की जाएगी कि अधिकतम 815 सीटें राज्यों में रहेंगी, जबकि 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तय की जाएंगी। सरकारी सूत्रों का कहना है कि आर्टिकल 81 के अलावा अनुच्छेद 55, 82, 170, 330, 332 और 334A में संशोधन किया जाएगा।

इन अनुच्छेदों में संशोधन के बाद ही महिला आरक्षण के हर प्रावधान को लागू किया जा सकेगा। एक जानकारी यह भी मिल रही है कि महिला आरक्षण वाली सीटों का भी रोटेशन किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि किसी सीट को 15 सालों के लिए आरक्षित किया जा सकता है और फिर उसमें बदलाव कर दिया जाएगा। हालांकि कोटे के रोटेशन के चलते ऐसे कुछ नेताओं को परेशानी हो सकती है, जो बीते कई कार्यकालों से कुछ सीटों पर लगातार जीतते आ रहे हैं। वे उन सीटों को अपने गढ़ के तौर पर देखते हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि बदलाव किस तरह से आकार लेगा। फिलहाल सभी की नजर परिसीमन पर भी है कि महिला आरक्षण के लिए सीटों का परिसीमन कैसे होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लोकसभा में होंगी 850 सीटें, महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद; आ गई पूरी डिटेल

आखिर कैसे आरक्षित होंगी सीटें, रोटेशन का क्या होगा तरीका

जैसे यूपी में कुल 120 सीटें होंगी तो उनमें से 40 आरक्षित रहेंगी। अब यदि गाजियाबाद की सीट महिला कोटे के तहत आरक्षित हुई तो लगातार तीन चुनाव तक ऐसा रहेगा। फिर पास की अमरोहा या मेरठ जैसी किसी सीट पर आरक्षण हो सकता है। वहीं दिल्ली में कुल 11 सीटें होंगी और 4 सांसद महिलाएं होंगी। गौरतलब है कि महिला आरक्षण को पारित कराने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी खुद भी ऐक्टिव हैं। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखना चाहिए कि वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कांग्रेस की ना-नुकुर के बीच प्रतिभा पाटिल का महिला आरक्षण को समर्थन
ये भी पढ़ें:खरगे ने विपक्ष की आज बुलाई महाबैठक, महिला आरक्षण और परिसीमन पर घेरने की तैयारी