लोकसभा सीटों पर सरकार ने दूर की साउथ के राज्यों की टेंशन, बताया किस राज्य में कितनी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने 14 अप्रैल को आरोप लगाया था कि महिला आरक्षण पर मसौदा विधेयक से पता चलता है कि यह एक 'षड्यंत्र' है, जो परिसीमन लागू होने पर तमिलनाडु और उत्तरी राज्यों के बीच अंतर को बढ़ाएगा।

लोकसभा में सीटें बढ़ने की तैयारी है। गुरुवार को संसद में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए बिल पेश होने जा रहा है। इसी बीच खबरें हैं कि सभी राज्यों में लोकसभा में हिस्सेदारी 50 फीसदी बढ़ जाएगी। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। विधेयकों में सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे लेकर दक्षिण के कुछ राज्यों में सीटों की संख्या को लेकर चिंताएं बनी हुईं थीं।
सरकार जो तीन विधेयक लाने जा रही है उनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 व केंद्र शासित कानून (संशोधन) विधेयक 2026 शामिल हैं। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के सूत्र बताते हैं कि लोकसभा में सभी राज्यों की हिस्सेदारी में 50 प्रतिशत का इजाफा होगा। सरकार महिलाओं के आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन बिल ला रही है। इसके लिए सत्र 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है, जो 18 अप्रैल तक चलेगा।
दक्षिण राज्यों को क्या मिलेगा
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, '2011 की जनगणना अब कोई जरूरी शर्त नहीं होगी। इसका मतलब है कि अनुपात के हिसाब से कुछ भी नहीं बदलेगा। इससे दक्षिण भारतीय राज्यों की यह चिंता दूर हो जाएगी कि संसद में उनकी हिस्सेदारी या सीटें कम हो सकती हैं।' उन्होंने कहा, 'दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए कुछ भी नुकसान नहीं है। जो अनुपात आज है, वो बरकरार रहेगा।'
तमिलनाडु सीएम ने दी थी चेतावनी
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि अगर परिसीमन प्रक्रिया में राज्य के हित को नुकसान पहुंचाने वाला कोई कदम उठाया गया या उत्तरी राज्यों की राजनीतिक ताकत में अनुचित वृद्धि की गई, तो तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर आंदोलन होंगे, 'पूरी ताकत से विरोध प्रदर्शन' होंगे जिससे राज्य ठप पड़ सकता है। स्टालिन ने कहा कि देश को एक बार फिर '1950 और 1960 के दशक की द्रमुक देखने को मिल सकती है।'
पहले भी लगाए थे आरोप
स्टालिन ने 14 अप्रैल को आरोप लगाया था कि महिला आरक्षण पर मसौदा विधेयक से पता चलता है कि यह एक 'षड्यंत्र' है, जो परिसीमन लागू होने पर तमिलनाडु और उत्तरी राज्यों के बीच अंतर को बढ़ाएगा।
तेलंगाना भी सक्रिय
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दक्षिणी राज्यों और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर एक 'हाइब्रिड मॉडल' का प्रस्ताव रखा है। जिसके तहत प्रस्तावित अतिरिक्त सीट में से 50 प्रतिशत सीट आनुपातिक आधार पर आवंटित की जाएंगी और शेष सीट GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) और अन्य मानदंडों के आधार पर आवंटित की जाएंगी।




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