महिला आरक्षण नहीं परिसीमन विधेयक पर विपक्ष का विरोध : कांग्रेस
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक नहीं हारा है, बल्कि विपक्ष ने परिसीमन विधेयक को हराया है। उन्होंने कांग्रेस के महिलाओं के आरक्षण के समर्थन पर जोर दिया और भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन विधेयक पास करना चाहती है।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने रविवार को कहा है कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक नहीं हारा है। बल्कि विपक्ष ने परिसीमन विधेयक को हराया है जिसे भाजपा देश पर थोपना चाहती थी। दिल्ली प्रदेश कार्यालय पर आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर लोगों के बीच व्यापक संवाद करने का संदेश दिया गया। यादव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के लिए आरक्षण का समर्थन किया। कांग्रेस पार्टी ने ही 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास कराया था। जबकि, भाजपा उस बिल को लोकसभा में पास नहीं करा पाई। भाजपा द्वारा 2023 में एक और बिल पेश किया गया जिसका कांग्रेस पार्टी ने समर्थ किया था।
17 अप्रैल को लोकसभा में जो विधेयक पराजित हुआ है वह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है बल्कि परिसीमन विधेयक है।कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि अगर भाजपा सरकार सचमुच गंभीर और ईमानदार हैं तो वे कानून लाएं और लोकसभा की 543 सीटों के भीतर ही महिलाओं को तुरंत आरण दें। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में लोकसभा में परिसीमन विधेयक को पास कराने की भाजपा की साजिश को कांग्रेस पार्टी ने बेनकाब कर दिया है। कांग्रेस नेता दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार को 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था लागू करनी चाहिए। इस मौके पर भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन भी किया गया।
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