केंद्र की गलतियों की कीमत चुका रही आम जनता : कांग्रेस
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि आम जनता को सरकार की गलतियों की कीमत चुकानी पड़ रही है। मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आरोप लगाया कि यह संकट सरकार की नाकामी का नतीजा है। टीएमसी ने इसे नागरिकों से धोखा बताया।

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। कहा कि आम जनता को केंद्र सरकार की गलतियों की कीमत चुकानी पड़ रही है। आरोप लगाया कि देश पर यह आर्थिक संकट आने की वजह सरकार की नाकामी और अदूरदर्शिता है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने लिखा, ‘गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। अभी तो तीन रुपये का झटका लगा है, बाकी की वसूली किस्तों में की जाएगी। राहुल ने यह हमला तब बोला, जब पेट्रोल-डीजल के दामों में तीन रुपये प्रति लीटर और सीएनजी की कीमत में दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ोतरी की गई है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि यह संकट सरकार ने खुद पैदा किया है, जिसका नतीजा जनता को महंगे दामों के बोझ से भुगतना पड़ रहा है। एक्स पर उन्होंने लिखा कि पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ा तो केंद्र ने विपक्ष की चिंताओं और सवालों को नजरअंदाज कर दिया। कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और चुनावों को देखते हुए ऐसा बर्ताव किया कि सब कुछ ठीक है। अब संकट गहरा रहा है तो प्रधानमंत्री वर्क फ्रॉम होम और ईंधन बचाने जैसे उपायों का प्रचार कर रहे हैं।
सरकार पर आरोप
खरगे ने कहा कि अमेरिका ने मार्च में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए दी गई 30 दिन की छूट के लिए अपनी अनुमति जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। दावा किया कि कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि भारत सरकार अब इस छूट को और बढ़वाना चाहती है। सवाल उठाया कि आखिर केंद्र सरकार देश को ऐसी स्थिति में क्यों लेकर आए, जहां देश को अमेरिका से इजाजत मांगनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने आम जनता को कोई राहत नहीं दी।
चुनाव के बाद देश के नागरिकों से धोखा: टीएमसी
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की उपनेता सागरिका घोष ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कीमतों में वृद्धि को नागरिकों से धोखा करार दिया। आरोप लगाया कि सरकार ने ऊर्जा और आर्थिक स्थिति की गंभीरता को छिपाए रखा और चुनाव खत्म होते ही जनता पर बोझ डाल दिया। आर्थिक हालात पर दावा किया कि 2025 और 2026 में रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बनकर उभरा है। दावा किया कि विदेशी संस्थागत निवेशक बड़ी संख्या में भारत छोड़कर जा रहे हैं और मौजूदा कैलेंडर वर्ष में शुद्ध बहिर्प्रवाह 21 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
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