दिल्ली के न्यू अशोक नगर में सीलिंग के डर से सहमे सैकड़ों दुकानदार, शटर हटा खड़ी कर डालीं दीवार
दिल्ली के न्यू अशोक नगर में सीलिंग के नोटिस के बाद से दुकानदारों में हड़कंप का माहौल है। दुकानदारों ने सीलिंग से बचने को अपनी दुकानों के शटर के हटाकर उनकी जगह दीवार खड़ी कर डाली है।

दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में डीडीए की ओर से कुछ दिनों पहले मिले सीलिंग के नोटिस के बाद से दुकानदारों में हड़कंप का माहौल है। लोगों को अपनी दुकानों की सीलिंग का डर सता रहा है। इससे बचने को अब उन्होंने शटर के आगे दीवार खड़ी कर डाली हैं।
दरअसल, डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देश पर कई दुकानों को नोटिस दिया है। डीडीए और निगम की ओर से दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार को यहां सीलिंग की कार्रवाई की जानी प्रस्तावित है। आरोप है कि दुकानदार रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। इसे लेकर जारी नोटिस के बाद सोमवार को कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर के आगे ईंटों की दीवार बनवा ली। यह काम न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन रोड व चिल्ला सरोदा बांगर गांव क्षेत्र में स्थित दुकानों में दिनभर जारी रहा। इस क्षेत्र में सैकड़ों दुकानें हैं और सभी दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। विभागों का दावा है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संयुक्त सीलिंग अभियान चलाया जाएगा।
न्यू अशोक नगर में कई दुकानों की पहचान
डीडीए अधिकारियों ने बताया कि मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देश पर न्यू अशोक नगर में विभिन्न दुकानों की पहचान की गई है, जहां बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन हो रहा है। इसके खिलाफ कार्रवाई के नोटिस जारी करते हुए निगम को कार्रवाई के लिए कहा गया है। वहीं, निगम अधिकारियों ने कहा कि रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियों को नहीं किया जा सकता है। मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देश पर निगम इसे लेकर कार्रवाई करता है।
दुकानदारों ने जताया विरोध
न्यू अशोक नगर के मेट्रो स्टेशन रोड पर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कई दुकानें हैं। इन पर हजारों लोगों की आजीविका निर्भर करती है। दुकानदारों का कहना है कि मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश पर दिल्ली में सभी इलाकों में रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व दुकानों का सर्वे किया जा रहा है। इस संबंध में अप्रैल में एमसीडी ने एक आदेश जारी किया था। दुकानदारों ने आरोप लगाते हुए सवाल उठाए कि यदि सरकार, डीडीए, एमसीडी, स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधि रोजगार के अवसर दे नहीं सकते हैं तब उन्हें रोजगार छीनने व काम को बंद करने का अधिकार किसने दिया। यह व्यवस्था पूरी तरह गलत है।
दुकानों के शटर हटाकर बनवाई दीवारें
न्यू अशोक नगर में नोएडा से जुड़ी सड़क के किनारे रिहायशी इमारतों में दशकों से चली रहीं दुकानों की सीलिंग का खौफ लोगों में साफ नजर आया। मंगलवार को प्रस्तावित कार्रावाई के चलते ज्यादातर दुकानें खाली कर शटर की जगह दीवारें चुनवा दी गईं। उस दीवार को प्लास्टर के बाद रिहायशी इमारत के रंग में रंगवा दिया गया। जो दुकानें बची थीं, रात तक उनके भी शटर हटाकर दीवारें चुनवा दी गईं। एक दुकान में एटीएम लगी थी, उसके मालिक ने बिना मशीन बाहर निकलवाए उसे दीवार लगाकर बंद कर दिया। जिन लोगों का व्यवसाय उजड़ा वह भविष्य को लेकर चिंतित दिखे।
सीलिंग पर क्या बोले दुकानदार
विकास गुप्ता, दुकानदार, ''एक दशक से पराठे व खानपान की सामग्री की दुकान किराए पर चला रहे थे। सीलिंग की हलचल पर मालिक ने दुकान खाली करा दी है। मेरे यहां पांच कर्मचारी काम करते थे, जिनको मैंने हटा दिया है। इतनी जल्दी दूसरी जगह दुकान नहीं मिल रही, ऐसे में व्यवसाय बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है।''
नवीन, दुकानदार, ''न्यू अशोक नगर की मेट्रो लाइन वाली रोड पर मेरी चाप की दुकान है, जिसे बंद करना पड़ रहा है। मुझे समझ नहीं आ रहा अब क्या किया जाए। दुकान बंद होने के कारण 25 कर्मचारियों को हटाना पड़ रहा है। मेरे दोनों बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं, उनके भविष्य का क्या होगा, यह सोच कर परेशान हूं।''
मंगोलपुरी बाजार में अतिक्रमण हटाया
वहीं, मंगोलपुरी इलाके में स्थित कतरन मार्केट में सोमवार को एमसीडी प्रशासन ने बुलडोजर से कार्रवाई कर अतिक्रमण को हटाया। इसका स्थानीय व्यापारियों व लोगों ने जमकर विरोध किया। निगम के रोहिणी जोन में स्थित इस बाजार में कार्रवाई के दौरान निगम की टीम के साथ दिल्ली पुलिस की टीमें उपस्थित रहीं। इस कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों ने सवाल उठाए। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग ने बिना कोई पूर्व में नोटिस दिए यह कार्रवाई की। यह पूरी तरह से गलत है। निगम अफसरों ने कहा कि अतिक्रमण व अवैध निर्माण व कब्जे को हटाया गया है।




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