दिल्ली में रिहायशी क्षेत्र के व्यापारियों को राहत, सर्वे के बीच नहीं होगी सीलिंग; जल्द आएगा मास्टर प्लान 2041
दिल्ली नगर निगम प्रशासन रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे कर रहा है। इससे रिहायशी इलाकों के व्यापारियों में सीलिंग की चिंता सता रही है। निगम आयुक्त ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि निगम प्रशासन रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का सिर्फ सर्वे कर रहा है।

दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली नगर निगम प्रशासन रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे कर रहा है। इसके तहत रिहायशी इलाकों में आवासीय परिसर का गैर-आवासीय उपयोग की पहचान की जा रही है। इसे लेकर निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने सभी जोन उपायुक्तों को निर्देश जारी कर अप्रैल महीने में लिखित आदेश जारी किया। इसके बाद से ही दिल्ली के व्यापारियों में रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों जैसे दुकानों, शॉप व अन्यों पर सीलिंग की चिंता सता रही है।
निगम आयुक्त से मिले व्यापारी
इस संबंध में निगम आयुक्त से शुक्रवार को दिल्ली के व्यापारियों ने मुलाकात की। इसमें सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल, करोल बाग के व्यापारी नेता रमेश आहूजा, सदर बाजार के व्यापारी नेता राहुल अदलखा और गांधी नगर के व्यापारी राजेश खन्ना व अन्य शामिल हुए। इसमें व्यापारियों को निगम आयुक्त से सीलिंग व इससे जुड़ी दिक्कतों को लेकर आश्वासन मिला।
परेशान नहीं किया जाएगा
निगम आयुक्त ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर निगम पूरी तरह से दिल्ली सरकार, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, डीडीए और अन्य एजेंसियों के संपर्क में है। सभी से सलाह मशविरा करके ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और व्यापारियों को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा।
सिर्फ सर्वे कर रहा है निगम
इससे पहले बुधवार को महापौर प्रवेश वाही ने भी घोषणा की कि दिल्ली में किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों पर कोई सीलिंग की कार्रवाई नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत निगम प्रशासन दिल्ली में रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों, प्रतिष्ठानों व दुकानों का सिर्फ सर्वे कर रहा है।
मास्टर प्लान 2041 आने से पहले न हो सीलिंग : गोयल
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि निगम आयुक्त से मुलाकात के दौरान व्यापारियों ने उन्हें अवगत कराया कि दिल्ली में जल्द ही मास्टर प्लान 2041 लागू होने वाला है। इस मास्टर प्लान के आने के बाद दिल्ली के बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, रेजिडेंशियल एरिया और कमर्शियल एरिया की असली तस्वीर सामने आ जाएगी। इसलिए मास्टर प्लान 2041 आने तक दिल्ली में कोई भी सर्वे और सीलिंग की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
क्षेत्र को अच्छी तरह परिभाषित किया जाए
बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली में कोई भी एरिया पूरी तरह से आवासीय (रेजिडेंशियल) नहीं है। इसके अतिरिक्त आवासीय क्षेत्रों में भी 24 श्रेणी में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति मिली हुई है। इसलिए दिल्ली में आवासीय और व्यावसायिक एरिया को अच्छी तरह से परिभाषित किया जाना चाहिए।
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ले सकेंगे जनरल ट्रेड लाइसेंस
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि व्यापारियों ने एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार को बताया कि हमारी पुरानी मांग है कि प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही ट्रेड लाइसेंस जारी कर दिया जाए। इस पर एमसीडी कमिश्नर ने व्यापारियों को बताया कि दिल्ली के व्यापारी और उद्यमी अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही 15 फीसदी फीस देकर जनरल ट्रेड लाइसेंस ऑनलाइन ले सकेंगे और इसका आधिकारिक तौर पर ऑर्डर एक से दो दिन में जारी कर दिया जाएगा।
जनरल ट्रेड लाइसेंस का प्रस्ताव मंजूर
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष 2025 में दो दिसंबर को निगम के सदन में इस संबंध में प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। जिसके तहत जनरल ट्रेड लाइसेंस और विशेष लाइसेंस प्राप्त करने वाले व्यापारियों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब अलग से इन दोनों लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करना होगा। उनके संपत्ति कर के साथ ही यह लाइसेंस शुल्क जुड़कर आ जाएगा। इसमें व्यावसायिक गतिविधियों व प्रतिष्ठानों का वार्षिक संपत्ति कर का 15 फीसदी तक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है।




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