नमो भारत ट्रेन के इन 2 नए कॉरिडोर की DPR भी तैयार; केंद्र की मंजूरी का इंतजार
नमो भारत ट्रेन का दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पूरा होने के बाद एनसीआर के अन्य शहरों में इसके विस्तार की तैयारी है। रोजगार के प्रमुख हब बन चुके दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद से आसपास के अन्य शहरों को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

नमो भारत ट्रेन का दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पूरा होने के बाद एनसीआर के अन्य शहरों में इसके विस्तार की तैयारी है। रोजगार के प्रमुख हब बन चुके दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद से आसपास के अन्य शहरों को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाए जाएंगे। दूसरे और तीसरे चरण के लिए एनसीआरटीसी ने दो कॉरिडोर दिल्ली-गुरुग्राम-बावल और दिल्ली-पानीपत-करनाल की डीपीआर तैयार कर ली है। अब केंद्र सरकार से इन कॉरिडोर को स्वीकृति मिलना बाकी है। सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।
सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) से नमो भारत रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत इन दो नए कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। इन दोनों परियोजनाओं पर लगभग 65000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इससे दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा काफी तेज और आसान हो जाएगी।
जाम होगा कम, उद्योग-व्यापार को मिलेगा फायदा : नमो भारत के इन प्रस्तावित कॉरिडोर के बनने से दिल्ली-एनसीआर का सफर पूरी तरह बदल जाएगा। दिल्ली और आसपास के शहरों में हाईवे और सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने में सरकार को सफलता मिल सकती है। अनुमान है कि इन दोनों कॉरिडोर के बन जाने पर दिल्ली में बाहरी राज्यों से आने वाले करीब दो लाख वाहन कम हो जाएंगे। वहीं, हरियाणा में उद्योग और व्यापार को फायदा मिलेगा।
जेवर एयरपोर्ट तक कॉरिडोर
सरकार ने गाजियाबाद से नमो भारत ट्रेन के लिए एक कॉरिडोर जेवर एयरपोर्ट तक बनाने का फैसला किया है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली व आसपास के लोगों को सीधे एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी देगा। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार भी सहमति दे चुकी है और इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है। करीब 72 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 11 स्टेशनों को नमो भारत और 11 को मेट्रो स्टेशनों के रूप में संचालित किए जाने की योजना है।
सराय काले खां-बावल कॉरिडोर
यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम होते हुए हरियाणा-राजस्थान के बॉर्डर बावल तक बनाया जाएगा। करीब 93 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर लगभग 32000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह लाइन दिल्ली को मानेसर और बावल जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ेगी। इस रूट पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर
सराय काले खां से पानीपत होते हुए करनाल तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। करीब 136 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर करीब 33000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह कॉरिडोर दिल्ली को पड़ोसी राज्य हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। इससे हरियाणा के उत्तरी हिस्से में कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। एनसीआरटीसी के मुताबिक, इन दोनों कॉरिडोर को भी अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा। इस परियोजना में दिल्ली–पानीपत रूट पर शुरुआती कार्य पहले ही शुरू हो चुका है और नरेला से मुरथल के बीच 22 किलोमीटर हिस्से पर काम तेजी से चल रहा है।




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