नमो भारत ट्रेन के लिए गुरुग्राम मेट्रो की तर्ज पर खरीदी जाएगी जमीन, NCRTC ने बनाई ड्राफ्ट नीति
हरियाणा सरकार की ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो की तर्ज पर दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के नीमराना तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन के लिए जमीन की खरीद की जाएगी। एनसीआरटीसी ने जमीन खरीदने के लिए ड्रॉफ्ट नीति तैयार की है।

हरियाणा सरकार की ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो की तर्ज पर दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के नीमराना तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन के लिए जमीन की खरीद की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने जमीन खरीदने के लिए ड्रॉफ्ट नीति तैयार की है। मंजूरी के बाद इस नीति के माध्यम से जमीन की खरीद होगी।
एनसीआरटीसी को दिल्ली के सराय कालेखां से गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के नीमराना तक और दिल्ली से पानीपत होते हुए करनाल तक हरियाणा में 381 एकड़ निजी जमीन की आवश्यकता है, जबकि 501 एकड़ सरकारी जमीन की आवश्यकता है।
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल की तरफ से हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को लिखे पत्र में कहा है कि साल 2013 की भूमि अधिग्रहण नीति के तहत नमो भारत ट्रेन के लिए यदि जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो उससे परियोजना में देरी हो सकती है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने गत आठ जनवरी को ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के लिए निजी जमीन की खरीद को लेकर जमीन खरीद नीति बनाई है। ऐसे में एनसीआरटीसी भी इस नीति के तहत जमीन मालिकों से आपसी सहमती के बाद जमीन की खरीद करेगी। इस नीति के माध्यम से जमीन अधिग्रहण से जुड़ी दिक्कत भविष्य में नहीं होगी।
16 स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित
दिल्ली-गुरुग्राम-बावल-नीमराना तक नमो भारत परियोजना के निर्माण में 34 हजार 299 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 105.02 किमी लंबी इस परियोजना के तहत 16 स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। फिलहाल केंद्र सरकार ने दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए बावल तक पहले चरण में 93.12 किमी लंबी नमो भारत ट्रेन के संचालन की मंजूरी दी है। इसके तहत 13 स्टेशन का निर्माण होना है।
परियोजना पर चर्चा हो चुकी
नमो भारत ट्रेन परियोजना को राजस्थान से जोड़ने को लेकर पांच मार्च को हरियाणा और राजस्थान के मुख्य सचिव के बीच बैठक हुई थी। इसमें इस परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। गत नौ मार्च को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें बात हुई कि जिस तरह हरियाणा सरकार ने दिल्ली और हरियाणा को मेट्रो से जोड़ने के लिए वित्तीय योगदान दिया है।




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