More than 20 Dead in Delhi Fire Tragedy, How Many Are Hospitalized, How Many Are in Critical Condition? दिल्ली अग्निकांड में कितने लोग घायल, कितनों की हालत गंभीर, आया पूरा आंकड़ा; जान बचाने वाले फरिश्तों की पहचान भी सामने आई, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली अग्निकांड में कितने लोग घायल, कितनों की हालत गंभीर, आया पूरा आंकड़ा; जान बचाने वाले फरिश्तों की पहचान भी सामने आई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वह 25 कमरे का उपयोग कर रहा था। तहखाने में भी कमरे बनाए गए थे।

Wed, 3 June 2026 06:20 PMSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली अग्निकांड में कितने लोग घायल, कितनों की हालत गंभीर, आया पूरा आंकड़ा; जान बचाने वाले फरिश्तों की पहचान भी सामने आई

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके की एक तंग गली हौज रानी में स्थित 5 मंजिला होटल 'फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट' में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें वे विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो अपने बीमार रिश्तेदारों का इलाज करवाने के लिए उनके साथ आए थे।

इस हादसे के बाद विभिन्न अस्पतालों में पहुंचे मरीजों का आंकड़ा भी सामने आ गया है। जिसके अनुसार कुल 58 देशी-विदेशी लोग इस घटना की चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 21 की मौत (11 विदेशी, 10 भारतीय) हो चुकी है, वहीं 35 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 19 मरीजों की हालत गंभीर है। जबकि दो विदेशी नागरिकों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद लोगों की जान बचाने वाले फरिश्तों की तस्वीर भी सामने आई है।

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अग्निकांड के बाद किस अस्पताल पहुंचे कितने लोग

  • हादसे के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर में 13 मरीज लाए गए थे, जिनमें से 10 दिल्ली पुलिस के कर्मचारी और तीन अन्य बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें से एक बांग्लादेशी महिला (रियाना) को वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि दो अन्य पुरुषों (मो. शाहिदुल इस्लाम और आरमिन जमान) का इलाज अस्पताल में चल रहा है। तीनों विदेशी नागरिकों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
  • इसके अलावा एम्स के बर्न यूनिट में 3 मरीजों को लाया गया था, जिनमें से दो विदेशी नागरिक थे, जबकि एक भारतीय नागरिक था। तीनों मरीजों की मौत हो गई।
  • पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में 2 मरीजों को भेजा गया था, जिनमें से एक नागरिक भारतीय और एक विदेशी दोनों का ही इलाज अस्पताल में जारी है।
  • मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कुल 19 मरीजों को लाया गया था, जिनमें से 3 विदेशी और 5 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी थी। जबकि 4 विदेशी नागरिक चोटिल अवस्था में लाए गए। वहीं अन्य 7 घायलों में से 2 विदेशी नागरिक वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत नाजुक है, जबकि 3 अन्य विदेशी और 2 भारतीय नागरिकों की हालत भी गंभीर है।
  • इसके अलावा मैक्स स्मार्ट अस्पताल में भी 19 मरीजों को लाया गया था, जिनमें से 6 विदेशी और 4 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी थी। बाकी बचे 9 विदेशी मरीजों में से छह को वेंटिलेटर पर रखा गया है और उनकी हालत नाजुक है। इन छह विदेशी नागरिकों में से 2 बांग्लादेश, 2 कैमरून और 2 लिबिया के हैं। एक अन्य विदेशी नागरिक की हालत भी गंभीर है, हालांकि वह वेंटिलेटर पर नहीं है। जबकि दो नेपाली नागरिकों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
  • सफदरजंग अस्पताल में दो मरीजों को भेजा गया था। जिनमें से एक विदेशी और एक भारतीय नागरिक है और दोनों की ही हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इनमें से विदेशी नागरिक को वेंटिलेटर पर रखा गया है।

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लोगों की जान बचाने वाले युवक आमिर खान, मोहम्मद शोएब, वसीम राजा और मोहम्मद अफजल। (लेफ्ट से राइट)

लोगों की जान बचाने वाले फरिश्तों के चेहरे आए सामने

मालवीय नगर की इस होटल में आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने अंदर फंसे लोगों की जान बचाने की भरपूर कोशिश की। इस दौरान उन्होंने सड़क पर गद्दे बिछाते हुए लोगों को कूदने के लिए कहा, तथा साथ ही इमारत से कूद रहे उन लोगों को संभालते हुए उनकी जान भी बचाई। इस दौरान स्थानीय युवक आस-पड़ोस से गद्दों को जमाकर लाए और उन्हें सड़क पर बिछाया। साथ ही इन युवकों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के आने पर लोगों को बचाने में इन लोगों की मदद भी की। फरिश्ता बनकर लोगों की जान बचाने वाले इन युवकों की पहचान आमिर खान, मोहम्मद शोएब, वसीम राजा और मोहम्मद अफजल के रूप में हुई है।

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6 कमरों की अनुमति थी, बना रखे थे 25 कमरे

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वह 25 कमरे का उपयोग कर रहा था। तहखाने में भी कमरे बनाए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि होटल में एंट्री और एग्जिट के लिए केवल एक ही दरवाजा था, जिस पर घटना के वक्त ताला लगा हुआ था। ऐसे में अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। पुलिस ने बताया कि अग्निशमन संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की जांच चल रही है। आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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