Delhi Malviya Nagar Hotel Fire reasons and Negligence दिल्ली की आग में 21 मौतों के पीछे 5 बड़ी वजहें, मंजूरी से 4 गुना ज्यादा थे कमरे, एक ही गेट, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली की आग में 21 मौतों के पीछे 5 बड़ी वजहें, मंजूरी से 4 गुना ज्यादा थे कमरे, एक ही गेट

दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। घटना में कई ऐसे लोगों की मौत हुई जो पास में मौजूद निजी अस्पताल में अपना या अपने परिजनों का इलाज कराने के लिए यहां ठहरे हुए थे।

Wed, 3 June 2026 02:55 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली की आग में 21 मौतों के पीछे 5 बड़ी वजहें, मंजूरी से 4 गुना ज्यादा थे कमरे, एक ही गेट

आदिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। जान भले ही आग की लपटों ने ली, पर घटना के बाद सामने आईं लापरवाहियों से साफ है कि इस तरह के हादसे को न्योता दिया गया था। जिस बहुमंजिला इमारत में 6 कमरों वाला स्टे चलाने की मंजूरी मिली थी, वहां चार गुना अधिक यानी 24 कमरों वाला होटल चलाया जा रहा था।

फ्लरिश इन होटल में पास में मौजूद निजी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज और इनके तीमारदार यहां रुकते थे। पीड़ितों में कई विदेशी भी शामिल हैं। होटल एक संकरे इलाके में है। स्थानीय लोगों के मुताबिक चार मंजिला इमारत के बेसमेंट में किचन था। इसके अलावा कुछ लोग भी इसके अंदर पाए गए हैं। घटना में इतनी अधिक मौतों के लिए शुरुआती तौर पर तीन प्रमुख वजहें सामने आ रही हैं।

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1. लाइसेंस महज 6 कमरों का

'बेड एंड ब्रेकफास्ट'(बीएंडबी) मॉडल पर बने होटल में 6 कमरों का ही लाइसेंस था। लेकिन यहां 24 कमरों वाला होटल चलाया जा रहा था। अधिकतर कमरे बुक थे।

2. फायर एनओसी नहीं था

शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि होटल के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है। आग की घटना से निपटने के इतंजाम नदारद थे।

3. एक ही गेट, बेसमेंट में ताला

चार मंजिला इमारत में एंट्री और एग्जिट के लिए एक ही गेट था। इस वजह से लोग समय रहते बाहर निकल नहीं पाए। यह भी सामने आया है कि कई लोग बेसमेंट में मौजूद कमरों में थे। लेकिन बेसमेंट के गेट पर ताला लगा हुआ था। रेस्क्यू के लिए पहुंची टीम ने ताला तोड़कर लोगों को बा

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4. दम घुटने से भी कई लोगों की मौतें

बताया जा रहा है कि कई लोग आग की लपटों में जिंदा जल गए तो कई लोगों की धुएं में दम घुटने से जान चली गई। कुछ लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।

5. धुआं निकलने की जगह नहीं, चिमनी जैसी बन गई थी इमारत

साउथ जोन के चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक ने बताया, 'सुबह 8.50 बजे हमें ये सूचना मिली थी कि एक होटल में आग लगी है। टीम जब वहां पहुंची तो उस समय फायर फाइटिंग भी की और रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया और 39 लोगों को हमने CATS एम्बुलेंस के जरिए निकालकर पास ही के अस्पताल में शिफ्ट किया। अलग-अलग अस्पतालों में घायलों को ले जाया गया है। रेस्क्यू अभियान के दौरान हमारे एक फायरमैन को चोट भी आई है। इमारत को मैंने ऊपर से नीचे तक देखा है। इमारत को पूरी तरह से सील किया गया है। कोई भी जगह ऐसी नहीं थी जहां से धुंआ बाहर निकल सके। इस तरह की इमारत आगजनी के समय चिमनी की तरह काम करती हैं... ऐसे में लोगों को बाहर निकलने का समय नहीं मिल पाता है।'

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