दिल्ली बनी तंदूर, पारा 44 पार, IMD बोला- अभी ‘लू’ नहीं; समझिए Heatwave का पूरा गणित
इतनी भीषण गर्मी के बावजूद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी आधिकारिक तौर पर Heatwave यानी लू घोषित नहीं की है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी गर्मी के बाद भी मौसम विभाग इसे लू क्यों नहीं मान रहा। लाइव हिन्दुस्तान के साथ समझिए Heatwave का पूरा गणित।

दिल्ली की सड़कों पर दोपहर में ऐसा फील हो रहा है, मानों लोग तंदूर के अंदर बैठे हों। इस कारण सड़कों पर दोपहर के वक्त सन्नाटा दिखने लगा है, क्योंकि गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। आंकड़ों में बताएं तो दिल्ली में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। हालांकि इतनी भीषण गर्मी के बावजूद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी आधिकारिक तौर पर Heatwave यानी लू घोषित नहीं की है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी गर्मी के बाद भी मौसम विभाग इसे लू क्यों नहीं मान रहा। लाइव हिन्दुस्तान के साथ समझिए Heatwave का पूरा गणित।
- तापमान में 2 से 2.5 डिग्री का उछाल, पारा 44 पार
कारणों को समझाने से पहले आपको दिल्ली के मौजूदा हालातों से रूबरू कराते हैं। दिल्ली NCR में शनिवार को तापमान में अचानक तेज उछाल देखने को मिला। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान कई मौसम केंद्रों पर तापमान में करीब 2 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा था। वहीं पालम में 43.7 डिग्री, लोधी रोड में 43.8 डिग्री और रिज व अयानगर में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
- हीटवेव जैसे हालात, लेकिन IMD बोला- अभी ‘लू’ नहीं
सबसे ज्यादा चर्चा तापमान में अचानक आई बढ़ोतरी को लेकर हो रही है। सफदरजंग में एक दिन के भीतर तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया। लोधी रोड में 2.4 डिग्री और अन्य कई इलाकों में करीब 2 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई। यही वजह है कि लोगों को गर्मी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। हालांकि IMD का कहना है कि अभी सभी मानक पूरे नहीं होने की वजह से हीटवेव घोषित नहीं की गई है।
- समझिए Heatwave का पूरा गणित
अब आप समझिए आखिर हीटवेव किन हालातों में घोषित की जाती है। मौसम विभाग के मुताबिक, किसी मैदानी इलाके में हीटवेव घोषित करने के लिए अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होना चाहिए। इसके साथ ही तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना जरूरी है।
अगर तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री या उससे ज्यादा ऊपर चला जाए, तो उसे Severe Heatwave माना जाता है। इसके अलावा एक अन्य नियम भी है। अगर किसी मैदानी इलाके में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए, तो सामान्य से अंतर कम होने के बावजूद हीटवेव घोषित की जा सकती है।

- इसलिए दिल्ली में नहीं घोषित हुई हीटवेव
अब तक की जानकारी से आप इतना तो समझ ही गए होंगे कि मानक पूरे न होने के चलते ऐसा किया गया है। अगर अभी भी नहीं, तो चलिए थोड़ा और आसान भाषा में समझते हैं। दिल्ली में फिलहाल कई जगह तापमान 44 डिग्री के पार जरूर पहुंचा है, लेकिन departure यानी सामान्य तापमान से अंतर हर स्टेशन पर हीटवेव के मानकों तक नहीं पहुंच पाया है। यही वजह है कि मौसम विभाग अभी “Heatwave-like conditions” यानी लू जैसे हालात की बात कर रहा है, लेकिन आधिकारिक हीटवेव घोषित नहीं की गई।
- हालात लू जैसे, लेकिन मानक पूरे नहीं
मौसम विभाग का यह तकनीकी नियम आम लोगों को भले थोड़ा उलझाऊ लगे, लेकिन इसका मकसद मौसम संबंधी चेतावनियों को तय मानकों के आधार पर जारी करना होता है। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि लोगों को गर्मी बिल्कुल लू जैसी ही महसूस हो रही है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। गर्म हवाओं के थपेड़ों और तेज धूप ने बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है।

- अगर तापमान बढ़ता रहा, तो लागू हो जाएगी हीटवेव
दिल्ली में न्यूनतम तापमान भी लगातार ऊंचा बना हुआ है, जिससे रात में भी राहत नहीं मिल रही। यही वजह है कि गर्मी का असर दिन और रात दोनों समय महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तापमान ऊंचा बने रहने के संकेत दिए हैं। अगर तापमान में और बढ़ोतरी होती है या departure बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में हीटवेव आधिकारिक तौर पर घोषित की जा सकती है।
नोट- इस खबर में हीटवेव को लेकर IMD द्वारा जारी की गई पीडीएफ से डाटा लिया गया है। पाठक स्वंय भी पीडीएफ में दिए गए निय पढ़ सकते हैं।




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