MCD links trade licence fees with property tax, abolishes separate application for GTL दिल्ली के व्यापारियों को MCD ने दी बड़ी राहत, ट्रेड लाइसेंस शुल्क को संपत्ति कर से जोड़ा, Ncr Hindi News - Hindustan
More

दिल्ली के व्यापारियों को MCD ने दी बड़ी राहत, ट्रेड लाइसेंस शुल्क को संपत्ति कर से जोड़ा

अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से कागजी काम कम होने और व्यापारियों तथा प्रॉपर्टी मालिकों के लिए प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होने की उम्मीद है, जिन्हें पहले लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था।

Sat, 2 May 2026 08:20 PMSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, राहुल मानव, नई दिल्ली
share
दिल्ली के व्यापारियों को MCD ने दी बड़ी राहत, ट्रेड लाइसेंस शुल्क को संपत्ति कर से जोड़ा

दिल्ली नगर निगम ने शहर के व्यापारियों को एक बड़ी राहत देते हुए शनिवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। जिसके अनुसार अब जनरल ट्रेड लाइसेंस (GTL) शुल्क को संपत्ति कर के साथ जमा कराया जा सकेगा। MCD का कहना है कि निगम आयुक्त (कमिश्नर) संजीव खिरवार से इस बारे में अंतिम मंजूरी मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। MCD का कहना है कि यह कदम व्यापारियों और व्यवसायों के लिए नियमों का पालन करना आसान बनाने और'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के उद्देश्य से उठाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि नई प्रक्रिया के अंतर्गत अब दिल्ली के व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस लेने या रिन्यू कराने के लिए अलग से आवेदन करने और लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के तहत अलग से आवेदन करने की आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में अब निगम वेबसाइट में जनरल ट्रेड लाइसेंस और भंडारण लाइसेंस शुल्क के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा, क्योंकि अब इन दोनों लाइसेंस की फीस व्यावसायिक संपत्तियों व इन लाइसेंस को प्राप्त करने वालों प्रतिष्ठानों की संपत्ति कर के साथ जुड़कर आएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली में यात्रियों को गर्मी से बचाने DTC की पहल, राहत पहुंचाने तैनात किए जलदूत

संपत्तियों को A से H तक श्रेणियों में बांटा

प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम ने इन दोनों लाइसेंसी शुल्कों को तय करने के लिए सम्पत्तियों को A से H श्रेणी में बांटा है और संपत्ति की श्रेणी के अनुसार जनरल ट्रेड लाइसेंस और भंडारण लाइसेंस शुल्क को तय किया है। अलग-अगल श्रेणियों की संपत्ति के तहत यह शुल्क अधिकतम 15 प्रतिशत तक तय होगा। व्यापारी इसे सीधे निगम वेबसाइट पर जमा करा सकेंगे।

चार महीने से लागू होने का इंतजार कर रहे थे व्यापारी

इससे पहले बीते वर्ष दो दिसंबर को निगम के सदन की बैठक में जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस को प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम के साथ जोड़ने का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन इसके चार महीनों बाद भी नया सिस्टम लागू नहीं हो सका था, जिसके चलते व्यापारियों को लाइसेंस फीस अलग से चुकानी पड़ रही थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली विधानसभा में गूंजेगी राम की कहानी, 6 मई को होगा संगीतमय रामकथा का आयोजन

हर तीन साल में होगी लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत निगम कपड़ा, कुर्सी, बिस्कुट समेत 400 से अधिक श्रेणी को जनरल ट्रेड लाइसेंस प्रदान करता है। इसके अलावा बड़े शोरूम, स्टोर, रिटेल आउटलेट स्टोर जो कोल्ड स्टोरेज के साथ शामिल हैं, सीएनजी गैस गोडाउन स्टोरेज, पेट्रोलियम के उत्पाद जैसे श्रेणी को विशेष ट्रेड लाइसेंस शुल्क जारी किया जाता है। इसे हर तीन वर्ष में बढ़ाया जाएगा।

लंबे समय से व्यापारी इसकी मांग कर रहे थे

इसके लागू होने से व्यापारी वर्ग काफी खुश है। कमला नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने बताया कि हमारी लंबे समय से यह मांग थी कि जनरल ट्रेड लाइसेंस शुल्क को संपत्ति कर के साथ जोड़ दिया जाए। अब इस नई व्यवस्था से सैकड़ों व्यापारियों को लाभ मिलेगा। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि इस प्रक्रिया के लागू होने से एक लाख से अधिक व्यापारियों को लाभ मिलेगा। वह अपने संपत्ति कर को जमा कराने के साथ ही जनरल ट्रेड लाइसेंस के नवीनीकरण को भी निगम वेबसाइट पर एक साथ प्राप्त कर सकेंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:उम्रकैद काट रहे दोषी को राहत; बेटी के एडमिशन के लिए मिली परोल, क्या बोला HC?

नई योजना से होंगे इतने फायदे

- नई प्रणाली के तहत विशिष्ट संपत्ति पहचान कोड (UPIC) के माध्यम से पहचाने गए संपत्ति मालिक, नगर निगम के पोर्टल पर संपत्ति कर के साथ जनरल ट्रेड लाइसेंस शुल्क का भुगतान कर सकेंगे।

- निगम के अधिनियम के तहत अलग से जनरल ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करने की मौजूदा आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।

- निगम ने वार्षिक संपत्ति कर का 15 प्रतिशत जनरल ट्रेड लाइसेंस शुल्क संपत्ति परिसर के लिए निर्धारित किया है। जिसका भुगतान संपत्ति कर के भुगतान के समय वार्षिक रूप से किया जाएगा।

- भुगतान के बाद प्राप्त रसीद उस वित्तीय वर्ष के लिए संपत्ति के परिसर के वैध लाइसेंस के रूप में मान्य होगी।

- इस कदम से कागजी कार्रवाई कम होने और व्यापारियों और संपत्ति मालिकों के लिए प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है, जिन्हें पहले लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था।

आवेदकों को इन दिशा निर्देशों का पालन करना होगा

- लाइसेंसधारकों को प्रदूषण नियंत्रण और अग्नि सुरक्षा सहित सभी लागू मानदंडों का पालन करना होगा और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करना होगा।

- परिसर के मालिक अपने परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

- लापरवाही या नियमों का पालन न करने के कारण होने वाली किसी भी हानि या क्षति के लिए संपत्ति के मालिक जिम्मेदार होंगे।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।