EV पॉलिसी पर दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी, सीएम गुप्ता ने बताया कहां-कहां बनेंगे ऑटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर, एलिवेटेड सड़कें, और एक नई पैरलल रिंग रोड की परिकल्पना करते हुए फिजिबिल्टी सर्वे के लिए 10 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को करीब 1,03,700 करोड़ रुपए का 'हरित बजट' पेश किया। सीएम ने इसे हरित बजट का नाम इसलिए दिया क्योंकि इसका कुल 21 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा ग्रीन बजट के लिए खर्च किया जाएगा। बजट पेश करते हुए सीएम ने बताया कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी तेजी से प्रगति कर रही है। अपने बजट भाषण के दौरान दिल्ली के यातायात को जाम मुक्त और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी उन्होंने बहुत सारी घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि देश की राजधानी को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने के लिए दिल्ली में जल्द ही एक नई ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, जो देश की सबसे बड़ी पॉलिसी होगी। इस दौरान उन्होंने सब लोगों से ईवी लेने की अपील भी की।
अपने बजट भाषण में दिल्ली की मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि आज की तारीख में हमारे ईवी बसों के बेड़े (फ्लीट) में 4300 बसें हैं, जो कि देश में सबसे ज्यादा है। ईवी बसों की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि ईवी बसें एमिशन फ्री होती हैं, दिल्ली के पर्यावरण को सूट करती हैं और दिल्ली में प्रदूषण की मार को भी कम करने वाली होती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक दिल्ली में 7,500 बसें शुरू करने का है, जिनमें 5,800 इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सकार की कोशिश है कि साल 2029 तक दिल्ली में केवल ईवी बसें ही चलें और उनकी संख्या 12,000 करने का लक्ष्य है।
EV पॉलिसी के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित
इसके आगे दिल्ली सरकार द्वारा लाई जा रही EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) पॉलिसी के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की ईवी पॉलिसी के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि देश में सबसे बड़ी ईवी पॉलिसी दिल्ली सरकार लेकर आ रही है। हम एक शानदार योजना के साथ यह पॉलिसी ला रहे हैं, जिसमें खरीदी, स्क्रैप, प्रोत्साहन, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, जीरो एमिशन मोबिलिटी के लिए, दिल्ली को गति देने के लिए, दिल्ली को पॉल्यूशन फ्री करने के लिए, दिल्ली को देश की राजधानी के रूप में अपना एक मॉडल प्रस्तुत करने के लिए देश की सबसे बड़ी ईवी पॉलिसी हम लेकर के आ रहे हैं।
इस साल दिल्ली के इन इलाकों में बनेंगे 5 ATS
आगे उन्होंने कहा, 'दिल्ली में कभी टेस्टिंग सुविधा नहीं थी, जबकि यहां लगभग 6.5 लाख कमर्शियल व्हीकल हैं, लेकिनृ टेस्टिंग के लिए उनके मालिकों को दिल्ली से बाहर जाना पड़ता था। हालांकि हमारी सरकार ने पिछले एक साल में बहुत बड़ा काम किया और 3 नए ऑटोमैटेड टेस्टिंग सेंटर पर काम शुरू कराया।' साथ ही उन्होंने कहा कि इस साल हम 5 नए टेस्टिंग सेंटर बवाना, गाजीपुर, सावदा घेवरा, GT करनाल रोड और दिचाओं कलां में स्थित विभिन्न DTC डिपोज में पांच नए टेस्टिंग सेंटर हम बनाने जा रहे हैं, इसके लिए हमने 50 करोड़ रुपए का फंड रखा है।
दिल्ली में ईवी बेस मजबूत बनाने के लिए 320 करोड़ का बजट
इसके अलावा राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान दिल्ली में बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य पूंजीगत इंफ्रास्ट्रक्चर के विद्युतीकरण के लिए 320 करोड़ रुपए का फंड रखा है। आगे उन्होंने कहा, 'सब लोग ईवी ले लो भाई, मैंने पहले ही बताया कि हमारे बजट का 21 प्रतिशत हम ग्रीन बजट के नाते से खर्च करेंगे।'




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