दिल्ली बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को 12,645 करोड़ की सौगात; आयुष्मान से लेकर अनमोल योजना तक, 5 बड़े ऐलान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस दौरान हर सेक्टर में कई बड़े ऐलान किए। कुल बजट में से 12,645 करोड़ रुपये विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग के लिए आवंटित किए गए हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस दौरान हर सेक्टर में कई बड़े ऐलान किए। कुल बजट में से 12,645 करोड़ रुपये विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग के लिए आवंटित किए गए हैं। उपचार हर व्यक्ति का अधिकार है' के संकल्प के साथ पेश किए गए इस बजट में बुनियादी ढांचे, नई योजनाओं और मेडिकल शिक्षा पर जोर दिया गया है।
1. अधूरे अस्पतालों को पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए रुके हुए प्रोजेक्ट्स को गति देने की बात कही। उन्होंने कहा, उपचार प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है, यह उपकार नहीं है। पिछली सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से अस्पतालों के निर्माण कार्य लटके थे। उन्होंने इतना भ्रष्टाचार किया कि पहले दिन से ही पकड़ में आ जाते। उन्होंने कहा, रुके हुए निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए 515 करोड़ रुपये का प्रावधान है। एलएनजेपी (LNJP) और हरिश्चंद्र अस्पताल के अधूरे काम इसी साल पूरे किए जाएंगे। वहीं मशीनों और दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए 787 करोड़ रुपये का अलग फंड दिया गया है।
2. आयुष्मान योजना का विस्तार- किन्नर समुदाय भी होंगे शामिल
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में अंत्योदय कार्ड जोड़े थे। इसमें आंगनवाड़ी कर्मचारी, दिव्यांग आदि को जोड़ा था। अब इसमें दिल्ली राज्य में रहने वाले किन्नर भी इसमें जोड़े जायेंगे। उन्होंने कहा था कि हमें किसी सूची में नहीं रखा जाता। इसके लिए 202 करोड़ का प्रावधान रखा है। दिल्ली में एक साल में के370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस वर्ष 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनायेंगे। इसके लिए 1500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
3. मेडिकल शिक्षा
दिल्ली के छात्रों के लिए मेडिकल की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली में बच्चे मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन इसमें सीट बहुत कम है। इस वर्ष मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस की सीट 50 फीसदी तक बढ़ायेंगे। केंद्र सरकार की मदद से यह संभव होगा।
4. योजना 'अनमोल'
नवजात शिशुओं में जन्मजात बीमारियों का समय पर पता लगाने के लिए सरकार एक नई पहल लेकर आई है। इसके मद्देनजर 'अनमोल' योजना के तहत नवजात बच्चों के 56 प्रकार के टेस्ट मुफ्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस बारे में ऐलान करते हुए कहा, नन्हा बच्चा जब घर में जन्म लेता है तो वह परिवार के लिए अनमोल होता है। बच्चे में कई बार जेनेटिक बीमारी होती है लेकिन इसका पता बाद में चलता है। बच्चा परिवार पर बोझ बन जाता है। इसलिए सरकार विशेष योजना अनमोल लेकर आई है। इसके तहत सरकार 25 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह 56 टेस्ट सरकार करवाएगी ताकि समय रहते बच्चे की बीमारी का पता चल सके।
5. रियल टाइम वेंटिलेटर वैकेंसी सिस्टम
अस्पतालों में आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता को लेकर होने वाली भाग-दौड़ को खत्म करने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। सरकार एक ऐसा सिस्टम बनाएगी जिससे आम जनता को रियल टाइम में पता चल सकेगा कि किस अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर खाली हैं। सीएम ने कहा, हम रियल टाइम वेंटिलेटर वैकेंसी सिस्टम बनाएंगे। अस्पताल जाने पर कई बार पता चलता है कि आइसीयू नहीं है। इसलिए ऐसा किया जाएगा कि लोगों को पता चले कि किस अस्पताल में आईसीयू खाली है।




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