मधुबन बापूधाम में प्लॉट आवंटियों की सबसे बड़ी टेंशन हुई दूर, GDA ने कर दिया यह काम
गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम योजना के आवंटियों के लिए अच्छी खबर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने यहां से गुजर रही हाईटेंशन लाइन हटा दी है। साथ ही योजना में विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जीडीए ने वर्ष 2004 में मधुबन बापूधाम योजना लॉन्च की थी।

गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम योजना के आवंटियों के लिए अच्छी खबर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने यहां से गुजर रही हाईटेंशन लाइन हटा दी है। साथ ही योजना में विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जीडीए ने वर्ष 2004 में मधुबन बापूधाम योजना लॉन्च की थी। फिर पॉकेटवार लेआउट तैयार किया और वर्ष 2011 से 2015 तक में विभिन्न पॉकेट में भूखंड की योजनाएं निकालीं। हालांकि, योजना के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण को लेकर हुए विवाद से योजना काफी देर से विकसित होना शुरू हुई है।
अब जीडीए पूरी योजना को विकसित करना में जुटा है। इस योजना के ऊपर से जो हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, उसे हटा दिया गया है। साथ ही विकास कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। इसमें योजना की मुख्य समेत आंतरिक सड़कें बनाई जा रही हैं।
योजना में विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के लिए खंभे लगाए जा रहे हैं। साथ ही उन पर बिजली की लाइन भी डाली जा रही हैं, ताकि योजना के आवंटी मकान बनाकर वहां आसानी से रह सकें। ऐसे में अब आवंटी नक्शे पास कराके वहां अपना आशियाना बना सकेंगे।
ईएमआई और किराये देना पड़ रहा
योजना में आशियाना बनाने का सपना संजोए बैठे आवंटी खुद को ठगा महसूस कर रहे थे। जिन लोगों ने लोन लेकर प्लॉट खरीदा था, वह ईएमआई दे रहे हैं। साथ ही जिस घर में रह रहे हैं, वह किराये का होने की वजह से किराया भी जा रहा है। ऐसे में अब योजना में विकास कार्य होने के बाद यहां मकान बनाए जा सकेंगे।
कॉम्प्लेक्स भी बन रहा
योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, अफॉर्डेबल ग्रुप हाउसिंग भी बने हुए हैं। इसके अलावा यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रोजेक्ट भी चल रहा है। इस योजना में बुनकर मार्ट और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बन रहा है। यहां शहर का सबसे बड़ा डिस्ट्रिक सेंटर भी बनाया जाएगा।
योजना में विवाद रहा
जीडीए ने वर्ष 2004 में 1,234 एकड़ जमीन पर मधुबन बापूधाम योजना लॉन्च की थी। फिर 800 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया। फिर 153 एकड़ लिया और इन्हें विकसित किया। मुआवजे को लेकर विवाद हुआ। वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ा हुआ मुआवजा देने का आदेश जारी किया।
आलोक रंजन, चीफ इंजीनियर, जीडीए, ''मधुबन बापूधाम योजना को तेजी से विकसित किया जा रहा है। सभी तरह के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसका आवंटियों को लाभ मिलेगा।''
राजेंद्र कुमार शर्मा, अध्यक्ष, मधुबन बापूधाम वेलफेयर सोसाइटी, ''योजना के आवंटी काफी वक्त से मकान बनाना चाहते हैं, लेकिन विकास कार्य न होने से दिक्कत आ रही थी। अब आवंटी नक्शा पास कराकर मकान बना सकेंगे।''
मधुबन बापूधाम आरओबी और अंडरपास राहत देंगे
मधुबन बापूधाम रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और अंडरपास तीन माह में बनकर तैयार हो जाएंगे। इनके तैयार होने से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही दिल्ली मेरठ रोड सीधे हापुड़ रोड से जुड़ जाएगी।
मधुबन बापूधाम योजना 1,234 एकड़ जमीन पर विकिसत हो रही है। इस योजना में करीब छह पॉकेट हैं, जहां आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं चल रही है या आएंगी। इस योजना को दिल्ली मेरठ रोड से बेहतर कनेक्टिविटी दी जा रही है। इस आरओबी के अलावा यहां रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरपास भी बनाया जा रहा है। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि मधुबन बापूधाम योजना से दिल्ली मेरठ रोड जाने के लिए वर्तमान में रेलवे फाटक से होकर जाना पड़ता है। ऐसे में ट्रेन आने के दौरान यहां दोनों तरफ लंबा जाम लग जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए प्राधिकरण आरओबी तैयार कर रहा है। धीमे वाहनों को लिए यहां अंडरपास भी बनाया जा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल का कहना है कि दिल्ली-मेरठ रोड से हापुड़ मार्ग को सीधा संपर्क मार्ग देने के लिए आरओबी और अंडरपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। तीन महीने में इनका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।




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