दिल्ली को 11 साल खून के आंसू रुलाने वाले अब खुद कर रहे रोने की एक्टिंग; केजरीवाल पर बरसे कपिल मिश्रा
कपिल मिश्रा ने कहा, 'शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणियों के बावजूद आपने अपने आप को गुनहगार नहीं माना और ईमानदारी का ये नकली मेडल लेकर घूमते रहे और अब आज निचली अदालत के एक फैसले पर आप इस तरह से जश्न मना रहे हो।'

दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने आबकारी नीति मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निकले आंसुओं को 'ओवरएक्टिंग' व तमाशा बताया है। उनका कहना है कि जब केजरीवाल सरकार में थे तब भी वह ऐसी ही नौटंकी किया करते थे। मिश्रा ने कहा कि जिस इंसान ने दिल्ली को 11 साल तक खून के आंसू रुलाया और अब वह रोने की एक्टिंग कर रहा है। मिश्रा ने यह सारे आरोप शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता सच जानती है और आखिरी फैसला जनता की अदालत में ही होता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कपिल मिश्रा ने कहा, 'कल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली के गुनहगार अरविंद केजरीवाल जी ने जो ओवरएक्टिंग की, जो तमाशा करने की कोशिश की और जिन्होंने दिल्ली को 11 साल तक खून के आंसू रुलाये, जब उन्होंने रोने की एक्टिंग की, तो उसका सच दिल्ली की जनता को भी मालूम है। इसी के बारे में बात करने के लिए यह प्रेस कॉन्फ्रेंस है।'
'आप सरकार में थे तब भी ओवरएक्टिंग करते थे'
मिश्रा ने कहा, ‘जब तक आप सरकार में थे, तब भी आप इतनी ही नौटंकी और ओवरएक्टिंग कर रहे थे और आज भी कर रहे हैं। काश उस समय आपको दिल्ली का दर्द पता लगा होता या समझ में आया होता, या काश आज आपने दिल्ली से आपको कोई सरोकार होता।’
'आप ईमानदारी का नकली मेडल लेकर घूमते रहे'
आगे उन्होंने कहा, 'जहां तक शराब घोटाले की बात है, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणियों के बावजूद आपने अपने आप को गुनहगार नहीं माना और ईमानदारी का ये नकली मेडल लेकर घूमते रहे और अब आज निचली अदालत के एक फैसले पर आप इस तरह से जश्न मना रहे हो।'
'केजरीवाल व सिसोदिया ने सैकड़ों फोन क्यों नष्ट किए'
मिश्रा ने सवाल किया, 'क्या यह सच नहीं है कि जब केजरीवाल के खिलाफ आबकारी मामला सामने आया, तो शराब नीति वापस ले ली गई? अगर नीति ईमानदारी पर आधारित थी, तो उसे वापस क्यों लिया गया?' उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि जैसे ही केस चलने की बात सामने आई तो केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सैकड़ों मोबाइल फोन नष्ट किए। अगर आपने कोई गड़बड़ी नहीं की थी तो क्यों मोबाइल फोन तोड़ने की जरूरत आन पड़ी थी।
'क्या दिल्ली सरकार को रेवेन्यू लॉस की बात गलत है?'
मिश्रा ने आगे कहा, क्या यह भी सच नहीं है कि शराब के थोक विक्रेताओं का कमीशन 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत तक किया गया था। आखिर ऐसा क्यों किया गया। क्या सीएजी की रिपोर्ट में दिल्ली सरकार को जो रेवेन्यू लॉस की बात की गई है, क्या वो सच नहीं है। कपिल मिश्रा ने कहा कि क्या ये सच नहीं है कि केजरीवाल जब दिल्ली की सरकार में बैठे तो शराब की एक बोतल के साथ एक बोतल फ्री बांटने की बात करके पूरी दिल्ली को नशे में डुबोया।
'सबसे बड़ा न्याय जनता की अदालत में होता है'
दिल्ली के मंत्री ने आगे कहा, 'सबसे बड़ा न्याय जनता की अदालत में होता है, कहा गया है कि जनता की आवाज में ईश्वर की आवाज होती है और दिल्ली की जनता ने वो न्याय किया। पिछले साल जब चुनाव हुए तो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत पिछली सरकार के ज्यादातर मंत्री चुनाव हार गए। पूर्व सीएम हारते-हारते बचीं। ये दिल्ली की जनता का न्याय है, क्योंकि जनता ने अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार और लूट को 11 साल तक बर्दाश्त किया है।'
'दिल्ली के बाद पंजाब भी अपना जवाब देगा'
आगे उन्होंने कहा, 'मैं फिर से कहना चाहता हूं केजरीवाल जी अभी तो मामला हाईकोर्ट में गया है और अभी आप छूटे नहीं है इस पाप से, इस भ्रष्टाचार से। और जिन बहनों और मांओं के परिवार बर्बाद किए हैं आपकी शराब की नीति ने, उनकी आह अभी बाकी है उनकी पीड़ा अभी बाकी है। इसीलिए इतनी जल्दी ये नौटंकी शुरू मत कीजिए। दिल्ली और पंजाब दोनों ने आपके कुशासन और भ्रष्टाचार को झेला है, जो जनादेश दिल्ली ने दिया है, वही जनादेश पंजाब भी देने जा रहा है।'
शुक्रवार को आया था विशेष अदालत का फैसला
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को अब निरस्त की जा चुकी आबकारी नीति से जुड़े मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था। यह वही मामला है जिसने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया था और राजधानी में AAP सरकार के गिरने में वजह बना था।




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