justice swarana kanta sharma say to arvind kejriwal cannot recused from case खुद को अलग नहीं कर सकती; केजरीवाल को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की दो-टूक, Ncr Hindi News - Hindustan
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खुद को अलग नहीं कर सकती; केजरीवाल को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की दो-टूक

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आबकारी नीति मामले में आरोप मुक्त किए गए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य लोगों की उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें मांग की गई है कि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा खुद को अलग कर लें। 

Mon, 13 April 2026 05:44 PMKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, हेमलता कौशिक, नई दिल्ली
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खुद को अलग नहीं कर सकती; केजरीवाल को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की दो-टूक

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य की याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में मांग की गई थी कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लें। जस्टिस शर्मा ने सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणियों में कहा कि महज इसलिए कि मैंने पहले कड़े फैसले दिए हैं, मैं खुद को अलग नहीं कर सकती हूं। उन्होंने साफ किया कि केस से हटने के लिए ठोस कारण होने चाहिए और केवल यह सोचना कि मैं न्याय नहीं कर पाऊंगी या किसी एजेंसी का पक्ष ले रही हूं काफी नहीं है।

मैं खुद को अलग नहीं कर सकती- न्यायमूर्ति शर्मा

अरविंद केजरीवाल की ओर से दलीलें रखे जाने के बाद न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने अपनी एक टिप्पणी में कहा कि सभी याचिकाओं में एक बात कॉमन है। चूंकि मैंने पहले के आदेश में मजबूत नतीजे दिए हैं इसलिए मैं खुद को अलग नहीं कर सकती हूं। रिक्यूजल केवल 2 वजहों से दिया जाएगा। सबसे जरूरी यह कि आपको लग रहा है कि मैं आपके साथ न्याय नहीं कर पाऊंगी या फिर मैं CBI और ईडी को राहत दे रही हूं तो ऐसा नहीं है। इसे साबित करने के लिए ठोस तथ्य पेश करें।

सीबीआई ने 4 घंटे के भीतर दाखिल कर दी याचिका

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने अपनी दलीलों में कहा कि 27 फरवरी को निचली अदालत का फैसला आया और सीबीआई ने मात्र 4 घंटे के भीतर इस अदालत में अपील दाखिल कर दी। 500 से अधिक पन्नों के इस फैसले में अदालत ने हर आरोप की बारीकी से जांच करने के बाद विस्तार से अपना निष्कर्ष दिया है।

सीबीआई की अपील पहले दिन कर देनी थी खारिज

केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई की अपील में अदालत के उन निष्कर्षों को चुनौती देने वाला कोई ठोस आधार नहीं है इसलिए इस अपील को पहले दिन ही खारिज कर दिया जाना चाहिए था। वह याचिका त्रुटिपूर्ण है और उसी त्रुटिपूर्ण याचिका पर एक व्यापक आदेश पारित कर दिया गया।

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जस्टिस शर्मा के आदेशों में नजर आ रहा यह ट्रेंड

बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने अपनी दलील में कहा कि जस्टिस शर्मा ने शराब नीति मामले में ईडी और CBI के पक्ष में लगातार फैसले दिए हैं। जस्टिस शर्मा के आदेशों में ईडी और सीबीआई की हर बात को मानने का एक ऐसा ट्रेंड नजर आ रहा है जिसमें जांच एजेंसियों की हर दलील मान ली जाती है और फैसला उनके पक्ष में आता है।

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आरोपियों को बरी करने का सही फैसला दिया

अरविंद केजरीवाल ने अपनी दलीलों में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने तीन महीने की सुनवाई के बाद उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी करने का सही फैसला दिया था लेकिन जस्टिस शर्मा ने बहुत कम सुनवाई के बाद उस पर रोक लगा दी। सोमवार को दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय की है।

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