अरविंद केजरीवाल किसके हिसाब की कर रहे बात, कहा- जुल्म इतना ही करो जितना…
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल आखिर किसको 'हिसाब चुकाने' की चेतावनी दे रहे हैं? बिना किसी का नाम लिए और कोई संकेत दिए बिना अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि जुल्म इतना ही करना चाहिए जितना खुद सह सकते हैं।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल आखिर किसको 'हिसाब चुकाने' की चेतावनी दे रहे हैं? बिना किसी का नाम लिए और कोई संकेत दिए बिना अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि जुल्म इतना ही करना चाहिए जितना खुद सह सकते हैं।
आमतौर पर नाम लेकर और प्रत्यक्ष प्रहार करने वाले अरविंद केजरीवाल ने इस बार बिना किसी संकेत एक्स पर दो लाइन में ऐसी बात लिखी जिसके अब कई मायने निकाले जा रहे हैं। पूर्व सीएम ने एक्स पर लिखा, ‘दौर बदलने पर हिसाब तुम भी चुकाओगे। जुल्म इतना ही करना जितना सह पाओगे।’
नाम लेने से क्यों बचे केजरीवाल?
वैसे तो अरविंद केजरीवाल इस तरह के तीखे हमले अक्सर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ करते हैं पर राजनीतिक जानकार इस बात से कुछ हैरानी में हैं कि अरविंद केजरीवाल का निशाना यदि केंद्र सरकार पर है तो उन्होंने नाम लेने या इशारा करने से परहेज क्यों किया? पिछले दिनों कथित शराब घोटाले में ट्रायल कोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने कई मौकों पर केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं।
यूजर्स ने पूछा- किसके लिए संदेश
अरविंद केजरीवाल के इस पोस्ट पर एक्स पर चर्चा छिड़ गई। कुछ ही देर में सैकड़ों यूजर्स ने कॉमेंट किए। कई लोगों ने दिल्ली के पूर्व सीएम से पूछा कि आखिर वह किसको ऐसा संदेश देना चाहते हैं। वहीं, कई ने उनके शायराना अंदाज की तारीफ भी की। केजरीवाल इन दिनों पंजाब, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी का जनाधार मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
ईडी वाली वजह तो नहीं?
अरविंद केजरीवाल ने इशारों में यह तीखा हमला ऐसे समय में किया है जब उनके और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच कानूनी जंग तेज हो चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में समन जारी किए जाने के बावजूद जांच एजेंसी के समक्ष पेश न होने को लेकर दर्ज दो अलग-अलग मामलों में आरोप मुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ सोमवार को उच्च न्यायालय का रुख किया। निचली अदालत के 22 जनवरी के फैसले के खिलाफ ईडी की अपील पर बुधवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष सुनवाई होनी है। ईडी का आरोप है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन पर अमल नहीं किया और जांच में शामिल नहीं हुए। उसका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बेबुनियाद आपत्तियां उठाईं और जानबूझकर ऐसी दलीलें पेश कीं कि उन्हें जांच में शामिल न होना पड़े। निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि ईडी यह साबित करने में विफल रही है कि केजरीवाल ने जानबूझकर उन्हें जारी किए गए समन का उल्लंघन किया।




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