जेवर एयरपोर्ट को 4 एक्सप्रेसवे और 1 NH से सीधा जोड़ने की तैयारी, समझें पूरा रूट प्लान
जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सड़क कनेक्टिविटी के मामले में देश का सबसे अनोखा एयरपोर्ट होगा। यह यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-34 से सीधे जुड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे से इसकी कनेक्टिविटी हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सड़क कनेक्टिविटी के मामले में देश का सबसे अनोखा एयरपोर्ट होगा। यह यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-34 से सीधे जुड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे से इसकी कनेक्टिविटी हो चुकी है।
इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला 7 किलोमीटर का पेच जेवर की सीमा में पूरा कर लिया है। हालांकि, केजीपी से जोड़ने का काम तेजी से जारी है। गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव के लिए डिजाइन तैयार है। वहीं, एनएच-34 के अलाइनमेंट का काम भी जारी है। देश में शायद ही कोई एयरपोर्ट होगा, जो नोएडा एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी से जुड़ा होगा। आमतौर पर एयरपोर्ट एक या दो मार्ग से जुड़े होते हैं। यह एयरपोर्ट आरआरटीएस, मेट्रो, रेलमार्ग, नमो भारत और हाईस्पीड ट्रेन से भी जुड़ेगा। इनकी डीपीआर पर काम चल रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ रहा केजीपी
यमुना एक्सप्रेसवे को जीरो पॉइंट से 10 किलोमीटर पर जगनपुर अफजलपुर गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केजीपी) से जोड़ा जा रहा है। एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 8 लूप बनेंगे, जोकि कुल 6.6 किलोमीटर के होंगे। इसका निर्माण एनएचएआई करेगा। दोनों एक्सप्रेसवे जुड़ने से गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के लोगों को आगरा की ओर जाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए ग्रेटर नोएडा में परी चौक तक नहीं जाना पड़ेगा।
20 किलोमीटर का चक्कर बचेगा
यह कनेक्टिविटी होने से इन जिलों के वाहन दुहाई और डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के बाद सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे। साथ ही मथुरा, आगरा की ओर से आने वाले यात्रियों को पेरिफेरल पर चढ़ने के लिए 20 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना होगा, जिससे ईंधन व समय की भी बचत होगी। फिलहाल दोनों एक्सप्रेसवे के बीच कोई लिंक नहीं है। यह कार्य इसी वर्ष में पूरा हो जाएगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए इंटरचेंज तैयार
एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एनएचएआई, भारतमाला परियोजना के तहत 31 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा हैं। जेवर की सीमा में 7.3 किलोमीटर का हिस्सा बनकर तैयार हैं, जबकि हरियाणा की सीमा के 24.1 किलोमीटर का हिस्सा 65 प्रतिशत से ज्यादा तैयार हो चुका है।
एक्सप्रेसवे से कार्गो हब तक सड़क बन रही
यमुना एक्सप्रेसवे से एयर कार्गो टर्मिनल को उत्तर पूर्वी दिशा में जोड़ने वाली 8.25 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण चल रहा है। इस 30 मीटर चौड़ी सड़क के कैरिज- वे की चौड़ाई 18 मीटर है।

गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
एयरपोर्ट को 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस-वे के जरिये गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इस मार्ग का निर्माण होने से मुरादाबाद, मेरठ, बुलंदशहर सहित 22 जिलों के लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही उत्तराखंड के लोग भी एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।
पलवल से ग्रेनो तक राह आसान होगी
ग्रेनो वेस्ट के गौर सिटी चौक से सिरसा तक 25 किलोमीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी सड़क बनी हुई हैं। इसे यमुना क्षेत्र में 25 किलोमीटर और अधिक बढ़ाया जाना है, जिसकी चौड़ाई 120 मीटर होगी। सड़क के लिए 812 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी। यह सड़क कार्गो टर्मिनल के द्वार से सामने से होते हुए प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
नए संपर्क मार्ग बनाने के लिए भी काम चल रहा
● दिल्ली-मुबंई और दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग से जुड़ेगा एयरपोर्ट, इसके लिए चोला से रुंधी तक 61 किलोमीटर लंबी लाइन बिछेगी।
● गाजियाबाद आरआरटीएस से ग्रेनो वेस्ट वाया परी चौक होते हुए एयरपोर्ट तक नमोभारत और मेट्रो शुरू होगी। एलिवेटेड ट्रैक पर 25 स्टेशन बनेंगे।
● अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक लाइट रेल ट्रांजिट चलेगी, इसके लिए अलग से ट्रैक नहीं होगा, यह नमो भारत और मेट्रो के साथ ही उसी ट्रैक पर चलेगी।
● एयरपोर्ट से दिल्ली के आईजीआई की कनेक्टिविटी के लिए एयरो सिटी से कालिंदी कुंज तक पांच किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का विस्तार होगा।




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