जेवर एयरपोर्ट पर EV चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार, एक बार में 98 इलेक्ट्रिक गाड़ी होंगी चार्ज
जेवर एयरपोर्ट पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग पॉइंट बनकर तैयार हो चुके हैं। पहले चरण में लैंडसाइड पर 19 और एयरसाइड पर 47 चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं। दोनों ही स्थानों पर एक समय में 98 गाड़ियां चार्ज हो सकेंगी।

जेवर एयरपोर्ट पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग पॉइंट बनकर तैयार हो चुके हैं। पहले चरण में लैंडसाइड पर 19 और एयरसाइड पर 47 चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं। दोनों ही स्थानों पर एक समय में 98 गाड़ियां चार्ज हो सकेंगी।
जेवर एयरपोर्ट का प्रथम चरण में 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहां यात्री सुविधा से जुड़ी सभी जरूरत स्थापित हो चुकी हैं। यहां तक व्यावसायिक उड़ानों के लिए सबसे ज्यादा एयरोड्रम लाइसेंस भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से प्राप्त हो चुका है। इसी माह में एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारी है। ऐसे में अब एयरपोर्ट पर एयरसाइड यानी एयरपोर्ट का वह हिस्सा, जहां केवल सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश मिलता है और विमान से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। जैसे टैक्सी वे, एयरक्राफ्ट के पास का क्षेत्र, विमान पार्किंग क्षेत्र शामिल होते हैं। लैंडसाइड यानी वह क्षेत्र, जहां यात्री बिना सुरक्षा के आ-जा सकते हैं। यहां चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। जीरो कार्बन की नीति के तहत एयरपोर्ट पर सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ही प्रयोग होगा। इनमें एयरसाइड पर रनवे की मरम्मत के लिए हैवी रोलर, भारी सामान उठाने वाले वाहन, ट्रैक्टर आदि शामिल हैं।
एयरपोर्ट परिसर में 40 एकड़ में एमआरओ हब बनेगा
एयरसाइड पर इन वाहनों की चार्जिंग के लिए 47 पॉइंट बनाए गए हैं। इन पर एक साथ 60 वाहन चार्ज किए जा सकेंगे। वहीं, लैंडसाइड क्षेत्र यानी यात्रियों के लिए बनी पार्किंग और अन्य क्षेत्र में 19 चार्जिंग पॉइंट बने हैं। यहां पर भी एक समय में कुल 38 वाहन चार्ज किए जा सकेंगे। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) ने एयरपोर्ट परिसर में यह सुविधा स्टेटिक कंपनी के सहयोग से विकसित की है, जो एयरपोर्ट के संचालन के पहले ही दिन से इस्तेमाल की जा सकेगी। वहीं, एयरपोर्ट परिसर में 40 एकड़ में एमआरओ हब बनेगा। इसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। पिछले दिनों ही यापल ने अकासा एयर के साथ यह सुविधा विकसित करने के लिए साझेदारी की है।
जीटीसी में पार्किंग भी तैयार
एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में करीब 1200 वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग तैयार हो गई है। इसके अलावा टेक्सी वे भी पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट परिसर में टर्मिनल के नीचे 20 एकड़ में जीटीसी तैयार किया गया है। यहां कैब, टेक्सी और बसें खड़ी हो सकती है। यात्रियों की सुविधाओं के लिए यापल ने उत्तरप्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली परिवहन निगम व कैब सेवा के लिए ओला, ऊबर, रेपिडो, महिंद्रा टेक समेत कई कंपनियों के साथ करार किया है।
सुविधाओं से जुड़े काम पूरे
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रवक्ता का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी काम पूरे हो चुके हैं। वाहनों की पार्किंग से लेकर चार्जिंग पॉइंट तक बनकर तैयार हैं। अब एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।




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