जहां गड्ढे में गिरकर हुई कमल की मौत, वहां मानकों ने अनुसार नहीं थी सुरक्षा व्यवस्थाएं
जनकपुरी हादसे पर संज्ञान लेते हुए जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और उच्चस्तरीय जाँच के निर्देश दिए हैं। वहीं, जल बोर्ड ने सुरक्षा मानकों के पालन का दावा किया है।

जनकपुरी हादसे में हुई युवक की मौत को जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने दुखद बताया है। उन्होंने शुक्रवार सुबह जनकपुरी पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और सुरक्षा चूक पर तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। निरीक्षण के दौरान प्रारंभिक तौर पर पाया गया कि खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
मंत्री ने मौके पर ही पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए तुरंत कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि घटना वाले स्थान पर पिछले कई महीनों से सीवर लाइन से जुड़ा कार्य चल रहा था। प्रारंभिक निरीक्षण में सामने आया कि चल रहे सीवर प्रोजेक्ट के तहत लगभग 6 मीटर लंबा, 4 मीटर चौड़ा और करीब 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। यहां सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया कि खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसके चलते वहां दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।
ऐसी घटनाएं रोकने के लिए उपाय सुझाएगी समिति
सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इसमें एक कार्यकारी अभियंता, एक सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। साथ ही यहां कार्य कर रही एजेंसी के विरुद्ध जांच प्रारंभ कर दी गई है। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जो जिम्मेदारी तय करने, प्रक्रियागत खामियों की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सुधारात्मक उपाय सुझाएगी।
मृतक के परिवार को दी जाएगी अनुग्रह राशि
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने जनकपुरी हादसे को लेकर पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि (आर्थिक सहायता) देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जो राशि दी जानी चाहिए, वह राशि पीड़ित परिवार को जल्द सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल बोर्ड का दावा- गड्ढ़े के चारों ओर लगे थे अवरोधक
जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले पर दिल्ली जल बोर्ड अपना बचाव करते दिख रहा है। जल बोर्ड ने दावा किया है कि विभाग द्वारा सड़क के सर्विस लेने में सीवर की पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे के चारों तरफ अवरोधक लगे हुए थे और यातायात बंद किया गया था।
1916 पर जलबोर्ड से शिकायत करें
जल बोर्ड ने कहा है कि नोएडा की घटना के मद्देनजर जल बोर्ड द्वारा ऐसे कार्यस्थलों पर बैरिकेड और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की जा रही है। जल बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि किसी कार्यस्थल पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं हो तो ऐसे असुरक्षित कार्यस्थल की सूचना जल बोर्ड के कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1916 पर दें। ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई हो सके।




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