जामिया के प्रोफेसर पर बदसलूकी के आरोप; पुलिस बोली- कर रहे जांच, धर्मांतरण का मामला नहीं
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पॉलिटेक्निक विभाग के एक कर्मचारी पर एसोसिएट प्रोफेसर के हमले के आरोप पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि धर्मांतरण का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में एक कर्मचारी के साथ एसोसिएट प्रोफेसर पर मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि कर्मचारी ने जाति के आधार पर अपमान और हिंसा की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि सोशल मीडिया पर चल रहे धर्मांतरण के दावे गलत हैं। धर्मांतरण का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है।
लिखित शिकायत मिली
घटना के बारे में साउथ ईस्ट डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि 19 जनवरी की शाम को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एसीपी को एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत जामिया मिलिया इस्लामिया के पॉलिटेक्निक में काम करने वाले एक कर्मचारी ने दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि जामिया मिलिया इस्लामिया के पॉलिटेक्निक के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में काम करने वाले एक एसोसिएट प्रोफेसर ने उसके साथ कथित बदसलूकी की दो घटनाएं कीं।
दो बार वारदातें करने का आरोप
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि एसोसिएट प्रोफेसर ने 13 जनवरी और 16 जनवरी को उसके साथ दो अलग-अलग वारदातें कीं। इसमें 13 जनवरी को कर्मचारी को जाति के आधार पर गालियां दी गईं। 16 जनवरी को उसके साथ मारपीट भी की गई। 13 जनवरी की घटना के बाद पीड़ित की ओर से रजिस्ट्रार के पास शिकायद की गई। 16 जनवरी की घटना के बाद पीड़ित के साथ प्रिंसिपल भी रजिस्ट्रार के पास गए थे।
धर्मांतरण कराने का कोई आरोप नहीं
पुलिस की ओर से उनको बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। उनका बयान दर्ज किया जा रहा है। जांच के आधार पर कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता पॉलिटेक्निक विभाग में यूडीसी है। शिकायत में दबाव डालकर धर्मांतरण कराने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। वहीं जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि हमें कर्मचारी की ओर से किसी मारपीट या जाति-आधारित घटना के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।




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