दिल्ली में कल से बस रूट्स का नया मैनेजमेंट, लोगों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
दिल्ली सरकार बुधवार से वेस्ट जोन में नया बस रूट सिस्टम लागू कर रही है। परिवहन मंत्री के अनुसार, इस नई पहल से यात्रियों को कम समय में बेहतर और सुलभ बस सेवा मिल सकेगी। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब बसों के लिए यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दिल्ली सरकार बुधवार से वेस्ट जोन में नया बस रूट सिस्टम लागू कर रही है। परिवहन मंत्री के अनुसारए पुरानी बसें हटने के बावजूद कोई भी रूट बंद नहीं होगा बल्कि सभी 181 रूट्स को वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया गया है। मुख्य रास्तों पर 50 फीसदी इलेक्ट्रिक बसें तैनात की गई हैं ताकि सेवा में रुकावट न आए। इस नई पहल से यात्रियों को कम समय में बेहतर और सुलभ बस सेवा मिल सकेगी।
कल से नई व्यवस्था
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार वेस्ट रीजन में बेहतर रूट प्रबंधन लागू करने की शुरुआत कर रही है। पश्चिमी जोन में यह नई व्यवस्था बुधवार से प्रभावी हो जाएगी। परिवहन मंत्री का कहना है कि दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से 15 साल पुरानी बसों को हटाने के बावजूद कोई भी बस रूट बंद नहीं किया जाएगा।
नए सिरे से तय किए गए रूट
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यमुना पार (पूर्वी दिल्ली) में इस पहल की सफलता के बाद अब इसे पश्चिमी जोन में लागू किया जा रहा है। जल्द ही अगला चरण उत्तरी जोन में शुरू होगा। उन्होंने जानकारी दी कि पश्चिमी जोन में बसों के संचालन को आसान बनाने, बसों के बेड़े का सही इस्तेमाल करने और यात्रियों का इंतजार कम करने के लिए बस सेवाओं के समय और रास्तों को फिर से तय किया गया है।
पहले से बेहतर होंगी सेवाएं
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस योजना में 12 मीटर वाली बसों का कोई भी रूट बंद नहीं किया गया है वरन सभी बस रूटों को यात्रियों की मांग और कॉरिडोर की जरूरत के हिसाब से वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया गया है। भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें भी तैनात की गई हैं जिससे पश्चिमी जोन के सभी 181 रूटों पर बस सेवा पहले से बेहतर हो जाएगी।
छोटी इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल
सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, रूटों के इस नए निर्धारण में 9 मीटर वाली छोटी इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत मौजूदा इलेक्ट्रिक बस बेड़े का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा उन चुनिंदा 12 मीटर वाले रूटों पर लगाया गया है जहां बस सेवा को बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखना जरूरी है।
1,400 नई बसें होंगी शामिल
परिवहन मंत्री ने बताया कि दिल्ली में भाजपा सरकार के आने के बाद से सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में अब तक 3,600 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जा चुकी हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक इन बसों की संख्या बढ़ाकर 5,000 से अधिक करना है जिसका अर्थ है कि अगले दो महीनों में 1,400 नई बसें शामिल होंगी। नवंबर 2026 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को 7,000 के पार ले जाने का लक्ष्य है ताकि दिल्ली टिकाऊ परिवहन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर सके।




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