गुरुग्राम में इंश्योरेंस स्कैम का भंडाफोड़, बिना मरीज भर्ती किए हड़प रहे थे हेल्थ बीमा का पैसा
साइबर सिटी गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे एक बड़े इंश्योरेंस स्कैम का पुलिस और मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पर्दाफाश किया है। न्यू पालम विहार स्थित गैलेक्सी वन हॉस्पिटल में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा था।

साइबर सिटी गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे एक बड़े इंश्योरेंस स्कैम का पुलिस और मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पर्दाफाश किया है। न्यू पालम विहार स्थित गैलेक्सी वन हॉस्पिटल में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
बिना भर्ती हुए बन रही थीं फर्जी फाइलें
जांच में सामने आया कि यह अस्पताल किसी फिल्म की पटकथा की तरह फर्जीवाड़ा कर रहा था। अस्पताल में बिना किसी मरीज के असल में भर्ती हुए, उनका नकली आईपीडी एडमिशन दिखाया जाता था। इसके बाद जालसाज मिलकर नकली मेडिकल रिकॉर्ड, लैब रिपोर्ट और फार्मेसी बिल तैयार करते थे। इन कागजों के आधार पर बीमा कंपनियों से क्लेम लिया जाता था और मिली हुई राशि को अस्पताल प्रबंधन और कथित मरीजों (बेनिफिशियरी) के बीच बांट दिया जाता था।
डॉक्टर की डिग्री भी निकली संदिग्ध
मई 2025 में जब मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पहली बार यहां रेड की थी, तब चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। अस्पताल के एक डॉक्टर ने अपने नाम के आगे एमबीबीएस और एमडी लिखा हुआ था, जबकि जांच में पता चला कि उनके पास एमडी की कोई डिग्री ही नहीं थी। इसी फर्जीवाड़े की कड़ियों को जोड़ते हुए अब बड़ी कार्रवाई की गई है।
25 इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़ी फाइलें बरामद
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) करण गोयल और सहायक पुलिस आयुक्त अभिलक्ष जोशी के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें साइबर एक्सपर्ट और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर शामिल थे, ने अस्पताल में सर्च ऑपरेशन चलाया। लगभग 25 इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़ी 60 फर्जी क्लेम फाइलें बरामद हुईं। दयानंद कॉलोनी स्थित लैब्सवेल की भी जांच की गई, जहां से फर्जी लैब रिपोर्ट तैयार करने के सबूत मिले। पुलिस ने अस्पताल कैंपस से तीन कर्मचारियों सपना, वर्षा और गौरव को गिरफ्तार किया है, जो इस फर्जी क्लेम रैकेट में मुख्य सहयोगी थे।
मास्टरमाइंड की तलाश
थाना बजघेड़ा में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उन अन्य साजिशकर्ताओं और डॉक्टरों की तलाश कर रही है जो इस पूरे सिंडिकेट के पीछे मास्टरमाइंड है। साइबर एक्सपर्ट्स अस्पताल के डिजिटल रिकॉर्ड और सर्वर की भी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितनी बीमा कंपनियों से कितनी राशि ठगी गई है।




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