Gurugram homes 66 percent sewer connections are illegal, reveals municipal corporation survey गुरुग्राम के घरों में सीवर के 66 फीसदी कनेक्शन अवैध, नगर निगम के सर्वे में खुलासा, Ncr Hindi News - Hindustan
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गुरुग्राम के घरों में सीवर के 66 फीसदी कनेक्शन अवैध, नगर निगम के सर्वे में खुलासा

गुरुग्राम में सीवर ओवरफ्लो और गंदगी की समस्या की असली जड़ का खुलासा हो गया है। गुरुग्राम नगर निगम द्वारा करवाए गए एक सेटेलाइट और जीआईएस सर्वे में खुलासा हुआ है कि शहर के 66 फीसदी सीवर कनेक्शन अवैध हैं।  

Thu, 19 Feb 2026 08:21 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गुरुग्राम, कृष्ण कुमार
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गुरुग्राम के घरों में सीवर के 66 फीसदी कनेक्शन अवैध, नगर निगम के सर्वे में खुलासा

गुरुग्राम में सीवर ओवरफ्लो और गंदगी की समस्या की असली जड़ का खुलासा हो गया है। गुरुग्राम नगर निगम द्वारा करवाए गए एक सेटेलाइट और जीआईएस सर्वे में खुलासा हुआ है कि शहर के 66 फीसदी सीवर कनेक्शन अवैध हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, निगम क्षेत्र के 5.5 लाख घरों में से मात्र 1.8 लाख के पास ही कानूनी कनेक्शन है, जबकि बाकी आबादी अवैध तरीके से मुख्य लाइनों का इस्तेमाल कर रही है।

बता दें कि, नगर निगम के पास करीब 1975 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनें मौजूद हैं। सीवर लाइनों को लेकर निगम की तरफ से निजी एजेंसी से सर्वे करवाया जा रहा है। शहर के किस क्षेत्र में किस डाया की सीवर लाइन मौजूद है। किस क्षेत्र में सीवर का सबसे अधिक दबाव है। इसी सर्वे में खुलासा हुआ है कि निगम क्षेत्र की सीवर लाइनों में करीब तीन लाख 70 हजार सीवर के अवैध कनेक्शन मौजूद हैं। जिस कारण शहर में सीवर का दबाव बना हुआ है। निगम के पास सीवर कनेक्शनों का कोई आंकड़ा नहीं होने के कारण इंजीनियरिंग विंग द्वारा सीवर को लेकर यह योजना नहीं बना पा रहा है किस क्षेत्र में किस डाया की नई सीवर लाइन डाली जानी है।

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बिना अनुमति सीवर लाइनें मुख्य नेटवर्क में जोड़ीं

सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 900 मीटर का प्रतिबंधित इलाका, ग्रामीण क्षेत्र, अवैध कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र अवैध कनेक्शनों के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। इन इलाकों में बिना अनुमति के सीवर लाइनें मुख्य नेटवर्क में जोड़ दी गई हैं। इसी का नतीजा है कि शहर में रोजाना सीवर ओवरफ्लो की 100 से ज्यादा बड़ी शिकायतें आती हैं। नगर निगम ने शहर में 40 ऐसी जगहों को चिन्हित किया है, जहां ओवरफ्लो की समस्या सबसे अधिक रहती है।

अवैध पेयजल कनेक्शन

साइबर सिटी में पेयजल आपूर्ति और राजस्व प्रबंधन को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम के ताजा रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी आईडी के मिलान से पता चला है कि शहर में 1.5 लाख से ज्यादा अवैध जल कनेक्शन चल रहे हैं। इन कनेक्शनों के जरिये बड़े पैमाने पर पानी की चोरी हो रही है, जिससे न शहर के सीमित जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।

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पोर्टल से मिलेगी राहत

अवैध कनेक्शनों के कारण निगम की सीवर प्रबंधन योजनाएं धरातल पर फेल साबित हो रही थीं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम इसी सप्ताह एक नया पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है। अब निवासियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या जटिल कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी। अब सिर्फ प्रॉपर्टी आईडी और एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) के जरिए लोग अपने सीवर कनेक्शन को वैध करवा सकेंगे।

ओवरफ्लो का समाधान होगा

निगम अधिकारियों का मानना है कि सीवर कनेक्शन वैध होने से विभाग के पास वास्तविक डेटा होगा, जिससे लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी। वर्तमान में अवैध लोड के कारण सीवर लाइनें अपनी क्षमता से ज्यादा कचरा ढो रही हैं, जिससे वे आए दिन चोक हो जाती हैं। नए पोर्टल के माध्यम से अवैध कनेक्शनों को सिस्टम में शामिल कर सीवर ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम, ''शहर में अवैध सीवर कनेक्शनों वैध करने के लिए जल्द ही पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। पानी के कनेक्शनों के सर्वे के लिए निजी एजेंसी को काम सौंपा है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।''

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