ग्रेटर नोएडा में कारोबार का गोल्डन चांस, इंडस्ट्रियल प्लाट के लिए शुरू हुए आवेदन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्रमुख सेक्टरों में बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना शुरू की है। एयरपोर्ट के पास स्थित इन क्षेत्रों में निवेश से रोजगार बढ़ेंगे और यह उद्यमियों के लिए तरक्की का एक बेहतरीन अवसर होगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उद्यमियों के लिए इकोटेक-8, 10, 16 जैसे प्रमुख सेक्टरों में 24 बड़े इंडस्ट्रियल प्लाट की नई योजना शुरू की है। ये भूखंड 130 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे स्थित हैं जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। 9,000 से लेकर 1 लाख वर्गमीटर तक के इन भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के माध्यम से होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 12 मई है। इस योजना का उद्देश्य क्षेत्र में भारी निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर चौड़ी सड़क के पास स्थित सेक्टर इकोटेक-8, 9, 10 और 16 में कारोबारियों को उद्योग लगाने का सुनहरा मौका दिया गया है। प्राधिकरण ने 7 सेक्टरों में 24 बड़े औद्योगिक प्लॉटों की योजना शुरू की है जिनका आकार 9,000 से लेकर 1,00,000 वर्ग मीटर तक है। इन सेक्टरों में निवेश आने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 12 मई
अधिकारी ने बताया कि योजना के लिए शनिवार से आवेदन शुरू हो गए हैं। भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के जरिए किया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत बड़े भूखंडों की यह पहली योजना है जिसमें रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 12 मई तय की गई है। योजना में शामिल 24 प्लाट हैं। ये प्लाट सेक्टर इकोटेक-11, इकोटेक-01 एक्सटेंशन-01, इकोटेक-10, इकोटेक-16, इकोटेक-8 और सेक्टर-16 में मौजूद हैं।
इन सेक्टरों में औद्योगिक भूखंडों की मांग अधिक
इनमें से कई प्लाट सेक्टर इकोटेक-8, 9, 10, 16 और इकोटेक-1, एक्सटेंशन-1, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे स्थित हैं। शहर की इस मुख्य सड़क को यमुना सिटी तक बढ़ाने की तैयारी चल रही है इसलिए इन सेक्टरों में औद्योगिक भूखंडों की मांग सबसे अधिक है।
बढ़ रहीं निवेश की संभावनाएं
ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि शहर में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई बड़ी कंपनियां यहां निवेश करना चाहती हैं। इसे देखते हुए 24 बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना शुरू की गई है क्योंकि शहर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सीधा फायदा मिल रहा है।
लंबे समय बाद बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना
ग्रेटर नोएडा में लंबे समय बाद बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना आई है। इससे निवेश बढ़ने की काफी उम्मीद है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से कई उद्यमी यहां निवेश करना चाहते हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्राधिकरण को कई बड़े प्रस्ताव मिले हैं। सरकार ने भी औद्योगिक निवेश बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि रोजगार के नए अवसर बन सकें। इससे पहले 40 छोटे औद्योगिक भूखंडों की योजना शुरू की गई थी जिनका आवंटन ई-नीलामी के जरिए हुआ था।




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