देश में गैस संकट के समय प्रधानमंत्री किस गुफा में छिपे हैं? राज्यसभा में बरसे सांसद संजय सिंह
संजय सिंह सदन में अपनी बात रख रहे थे, तभी उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के चलते देश में पैदा हुए तेल-गैस संकट पर नाम लिए बगैर पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

"देश में गैस संकट के समय प्रधानमंत्री किस गुफा में छिपे हैं? केंद्र सरकार उन्हें बाहर निकालकर सामने लाए।” ये सवालिया बयान आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह का है। संजय सिंह सदन में अपनी बात रख रहे थे, तभी उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के चलते देश में पैदा हुए तेल-गैस संकट पर नाम लिए बगैर पीएम मोदी पर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री किस गुफा में छिपे हैं?
संजय सिंह ने बरसते हुए कहा- भगोड़ों के बारे में मत कहिए। देश का प्रधानमंत्री गैस के संकट के समय में किस गुफा में छिपा हुआ है, पहले उसको निकालकर बाहर लाइए। सदन को संचालित कर रहे पीठासीन डॉ दिनेश शर्मा ने संजय सिंह को इस तरह बोलने पर तुरंत टोकते हुए कहा- देश के प्रधानमंत्री के बारे में आप इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते।
पूरा देश गैस की लाइनों में खड़ा है
पीठासीन अधिकारी के मना करने के बावजूद संजय सिंह ने अपनी बात रखना जारी रखा। संजय सिंह ने जोर देते हुए कहा- पूरा देश गैस की लाइनों में खड़ा है। प्रधानमंत्री गुफा में छिपे हुए हैं। प्रधानमंत्री जी को गुफा से बाहर निकालकर लाइए। इसके बाद संजय सिंह ने मध्य एशिया में चल रहे युद्ध की स्थिति पर भारत के स्टैंड पर भी सवाल खड़े किए।
आप क्यों इजरायल की चमचागीरी में खड़े हो गए
संजय सिंह ने बरसते हुए कहा- मध्य एशिया के अंदर इजरायल और ईरान के बीच में जो युद्ध चल रहा है, आप क्यों इजरायल की चमचागीरी में खड़े हो गए। इस कारण हिन्दुस्तान को गैस का संकट भुगतना पड़ रहा है। पूरा देश, पूरा गांव, पूरा शहर, एक-एक इलाका लाइन में खड़ा है। आज होटल बंद हो रहे हैं। मोरबी के अंदर गुजरात में टाइल की फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं। आप क्या कर रहे हैं.…
खाड़ी में हो रहे युद्ध पर भारत का स्टैंड
खाड़ी में पैदा हुए संकट पर भारत के विदेश मंत्रालय और सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। इस तरह भारत ने किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया है, बल्कि अपील की है कि संघर्ष को बढ़ाने की बजाय संवाद और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) के रास्ते से हल निकाला जाए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत से ही संभव है और भारत लगातार कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है।




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