अब जीना नामुमकिन है… अफसर पत्नी द्वारा पिता की बेइज्जती से आहत थे जज अमन? लगाई फांसी
Delhi judge suicide case: परिवार के मुताबिक, अमन अपनी अफसर पत्नी द्वारा उनके पिता की बेइज्जती करने से बहुत परेशान थे। परिवार का आरोप है कि जज अमन अपने पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस पूरे मामले में अमन की IAS साली का नाम भी सामने आ रहा है।

Delhi judge suicide case: पापा अब जीना नामुमकिन है… दिल्ली में आत्महत्या करने वाले जज अमन शर्मा ने सुसाइड से पहले अपने पिता को फोन करके ये शब्द कहे गए थे। परिवार के मुताबिक, अमन अपनी अफसर पत्नी द्वारा उनके पिता की बेइज्जती करने से बहुत परेशान थे। परिवार का आरोप है कि जज अमन अपने पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस पूरे मामले में अमन की IAS साली का नाम भी सामने आ रहा है।
पापा अब जीना नामुमकिन है…
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक बताया गया है, अमन ने आत्महत्या के दो दिन पहले अपने पिता को फोन कॉल करके कहा था- ‘पापा अब जीना नामुमकिन है’। यह सुनकर उनके पिता तुरंत दिल्ली भागे थे। राजेश (रिश्तेदार) ने बताया, अमन ने कहा था कि उसके लिए जीना मुश्किल हो गया है। परिवार के मुताबिक, अमन अपनी पत्नी द्वारा उनके सामने उनके पिता की कथित तौर पर बेइज्ज़ती करने से बहुत परेशान थे। वे बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सके और इतना बड़ा कदम उठा लिया।
अमन को मानसिक रूप से परेशान किया गया
परिवार ने आरोप लगाया कि अमन को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। घर में चल रहे झगड़ों की वजह से भी इतने ज्यादा हालात बिगड़ गए। परिवार का दावा है कि अमन की IAS साली ने उनकी पत्नी को भड़काया था, जिसके बाद मामला और बढ़ता ही चला गया।
2 मई की दोपहर, अमन ने बाथरूम में स्टूल और शॉल की मदद से फांसी लगा ली। कहा जा रहा है कि इस समय उनके पिता कमरे के बाहर मौजूद थे। उन्होंने अंदर से चिल्लाने की आवाज सुनी थी। उस दिन अमन और उनकी पत्नी के बीच में जोरदार बहस हुई थी, जिसकी आवाजें उन्होंने सुनी थीं। घटना के बाद, अमन की पत्नी अपने दो बच्चों को लेकर घर से चली गई।
ससुराल वाले अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए
उनका पार्थिव शरीर अलवर लाया गया, जहाँ रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पिता, एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने चिता को मुखाग्नि दी। ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान कैडर के कई सीनियर जज अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अलवर पहुंचे।
अमन ने अपने बैचमेट से की थी शादी
प्रेम कुमार शर्मा के मुताबिक, अमन की शादी एक दोस्त की बेटी से करने का प्लान बनाया था, लेकिन अमन ने अपने बैचमेट से शादी करने का फैसला किया। अपने बेटे के फैसले का सम्मान करते हुए, परिवार ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की। उन्होंने आगे कहा कि अमन कभी भी अपने निजी झगड़ों के बारे में बात नहीं करता था और स्वभाव से शांत था, हमेशा दूसरों का सम्मान करता था।




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