मैं बहुत बहुत अकेली हूं, अपनी जिंदगी खत्म कर रही हूं…; रोने वाली इमोजी के साथ 3 बहनों का सुसाइड नोट
सुसाइड से पहले, उन्होंने एक पॉकेट डायरी में आठ पेज का नोट छोड़ा है, जिसमें अपने माता-पिता से माफी मांगी और अपनी गेमिंग लत का जिक्र किया है। बहनों ने नोट में लिखा था- इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वह सब पढ़ लो क्योंकि यह सब सच है।

मैं बहुत बहुत अकेली हूं। सॉरी पापा... मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रही हूं। ये शब्द गाजियाबाद में अपार्टमेंट से कूदकर आत्महत्या करने वाली तीन नाबालिग बहनों के कमरे से मिली डायरी में दर्ज पाए गए हैं। सुसाइड से पहले, उन्होंने एक पॉकेट डायरी में आठ पेज का नोट छोड़ा है, जिसमें अपने माता-पिता से माफी मांगी और अपनी गेमिंग लत का जिक्र किया है।
डायरी में जो लिखा है, वह सच है
बहनों ने अपने माता-पिता से डायरी पूरी पढ़ने की गुजारिश की। उन्होंने जोर देकर कहा- 'डायरी में जो लिखा है, वह सच है।' नोट में लिखा था, "इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वह सब पढ़ लो क्योंकि यह सब सच है।" अभी पढ़ो! मुझे सच में अफसोस है। सॉरी, पापा।" इसके बाद एक बड़ा सा रोने वाला इमोजी भी बना हुआ था।
हम अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं...
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक- डायरी में मिले नोट के अलावा बच्चियों के कमरे की दीवार पर भी लिखा हुआ मिला। इस पर लिखा था- "मैं बहुत, बहुत अकेली हूँ।" नोट में जो कुछ लिखा था, उसे याद करते हुए बच्चियों के पिता ने बताया- “हम कोरिया नहीं छोड़ सकते। कोरिया हमारी जिंदगी है। तुम हमें आजाद नहीं कर सकते। हम अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं।”
बहनों की उम्र महज 12, 14 और 16 साल
लड़कियों की उम्र 12, 14 और 16 साल बताई गई है, जो चेतन कुमार नामक शख्स की बेटियां थीं। लड़कियों ने भारत सिटी नाम के एक रेजिडेंशियल टाउनशिप में अपना कमरा अंदर से बंद कर लिया था और रात करीब 2 बजे एक-एक करके खिड़की से कूद गईं।
कॉम्प्लेक्स में देर रात मचा हड़कंप
आवाज इतनी तेज थी कि रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में कई लोग जाग गए। कई रहने वाले और सिक्योरिटी स्टाफ यह देखने के लिए दौड़े कि आवाज कहाँ से आई। लेकिन, जब तक लड़कियों के घरवाले उनके कमरे में घुसे, तब तक तीनों कूद चुकी थीं। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि लड़कियों को तुरंत लोनी के एक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
कोरियन गेम की लत और सुसाइड
खबर है कि लड़कियों को एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन गेम की लत थी, यह जुनून उन्हें कोविड महामारी के दौरान हुआ था। जुनून इतना ज्यादा था कि उन्होंने अपने लिए कोरियन नाम भी रख लिए थे और गेम में दिए गए टास्क भी पूरे किए थे। यह बात भाई-बहनों के छोड़े गए नोट से साफ थी।
जांच-पड़ताल और क्या बोले पिता
ऑनलाइन गेमिंग ऐप सुसाइड की एक वजह बन सकता है, और यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि क्या यह ट्रिपल सुसाइड गेम के किसी टास्क से जुड़ा है। कहा जा रहा है कि बीच वाली बहन प्राची अपने भाई-बहनों को लीड कर रही थी। कुमार ने कहा कि उन्हें गेम के बारे में पता नहीं था, वरना वह उन्हें इसे खेलने नहीं देते।
आत्महत्या पर चर्चा करना कुछ लोगों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन या ट्रिगरिंग हो सकता है। हालांकि, आत्महत्या रोकी जा सकती है। भारत में आत्महत्या रोकथाम के लिए कुछ प्रमुख हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं: सुमैत्री (दिल्ली स्थित): 011-23389090, स्नेहा फाउंडेशन (चेन्नई स्थित): 044-24640050। जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।
- फोटो में इस्तेमाल की गई बच्चियों की तस्वीर प्रतीकात्मक और एआई द्वारा बनाई गई है।




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