ग्रेटर नोएडा में वर्करों के लिए हॉस्टल बनेगा, इन 4 सेक्टरों में चल रही तैयारी; खाने-पीने की भी व्यवस्था
ग्रेटर नोएडा की फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3, 6, 12 और इकोटेक-1 एक्सटेंशन में जगह चिह्नित की गई है। प्रत्येक हॉस्टल में 100-100 श्रमिक रह सकेंगे। खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी।

ग्रेटर नोएडा की फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3, 6, 12 और इकोटेक-1 एक्सटेंशन में जगह चिह्नित की गई है। प्रत्येक हॉस्टल में 100-100 श्रमिक रह सकेंगे। खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी।
हर सेक्टर में तीन मंजिला हॉस्टल
जिले में बीते दिनों हुए हिंसक आंदोलन के बाद श्रमिकों के लिए किफायती आवास और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराए जाने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। इस संबंध में प्राधिकरण के परियोजना और नियोजन विभाग को दिशा- निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत प्रथम चरण में शहर के औद्योगिक सेक्टरों के अंदर खाली पड़ी जगह पर श्रमिक हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत सेक्टर इकोटेक-3,6, 12 और इकोटेक-1 एक्सटेंशन से की जाएगी। प्राधिकरण हर सेक्टर में तीन मंजिल हॉस्टल का निर्माण करेगा।
जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा
वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि हॉस्टल के निर्माण पर आने वाले खर्च का आकलन कर जल्द निविदा जारी की जाएगी। संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी उद्यमी संगठनों या किसी एजेंसी को दी जाएगी। हॉस्टल में खाने-पीने की भी व्यवस्था होगी,जिससे यहां रहने वाले श्रमिकों को किसी तरह की दिक्कत न हो। समय - समय पर प्राधिकरण द्वारा निगरानी की जाएगी। वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह ने बताया कि सेक्टर इकोटेक-6 और इकोटेक-1 एक्सटेंशन में श्रमिक हॉस्टल के लिए जगह चिह्नित कर निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हॉस्टल में जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
सस्ते आवास के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश
शहरी क्षेत्र में कमरे का किराया जहां 15 से 16 हजार रुपये प्रतिमाह हो गया है, वहीं आसपास के गांवों में भी पांच हजार तक किराया हो गया है। आंदोलन ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर खींचा है। श्रमिकों की परेशानी को देखते हुए ग्रेनो के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बुनियादी संसाधन बढ़ाने के साथ श्रमिक वर्ग के लिए सस्ते आवास और चिकित्सा सुविधा के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के लिए नियोजन विभाग को निर्देश दिए हैं। सीईओ का कहना है कि आम लोगों के लिए सस्ते आवास और अस्पतालों की संख्या बढ़ानी होगी।
रोजगार के लिए भी सुविधा केंद्र बनाए गए
रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों को इधर-उधर भटकना न पड़े। इसके लिए सेक्टर इकोटेक-तीन में प्राधिकरण द्वारा श्रमिक सुविधा केंद्र का निर्माण किया गया है। इसका उद्घाटन बीते माह किया गया था। यहां महिला और पुरुष दोनों के बैठने के लिए कमरे बनाए गए हैं। रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिक बैठ सकते हैं। यहां दो रजिस्टर रखे जाएंगे। एक रजिस्टर में श्रमिकों का नाम और नंबर लिखा रहेगा और दूसरे रजिस्टर में उद्यमियों की जरूरत लिखी जाएगी, जिसमें कार्य और श्रमिकों की संख्या के बारे में जानकारी होगी। इससे उद्यमी अपनी जरूरत के हिसाब से कुशल श्रमिक को बुला सकेंगे। योजना के तहत इसी तरह अन्य औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे।




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