एंबुलेंस के पास रुका और मांगी मदद...; गुरुग्राम में हिस्ट्रीशीटर को गोली लगने से मौत
मृतक की पहचान दिल्ली निवासी मनोज ओझा के रूप में हुई है। उसके खिलाफ 16 क्रिमिनल केस दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है।

गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास मंगलवार देर शाम गोली लगने से दिल्ली के एक हिस्ट्रीशीटर की मौत हो गई। मृतक की पहचान दिल्ली निवासी मनोज ओझा के रूप में हुई है। उसके खिलाफ 16 क्रिमिनल केस दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है। पता लगाया जा रहा है कि ये हत्या का मामला है या किसी अन्य घटना के दौरान गोली लगी।
एंबुलेंस के पास रुका और मांगी मदद
पुलिस के मुताबिक, मनोज ओझा खुद अपनी बोलेरो गाड़ी चलाकर खेड़की दौला टोल प्लाजा तक पहुंचा था। टोल प्लाजा के पास खड़ी एक एंबुलेंस के पास उसने अपनी गाड़ी रोकी और वहां मौजूद लोगों से अस्पताल ले जाने में मदद मांगी। इसके बाद टोल प्लाजा पर तैनात एंबुलेंस से उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बोलेरो गाड़ी में क्या-क्या बरामद हुआ?
घटना की सूचना मिलते ही खेड़की दौला थाना पुलिस और मानेसर क्राइम यूनिट की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बोलेरो गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और 26 कारतूस बरामद किए गए हैं। इससे मामले को लेकर संदेह और गहराता जा रहा है।
गोली लगी या मारी गई, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनोज ओझा को गोली कहां और किन परिस्थितियों में लगी। यह भी जांच की जा रही है कि उसे किसी ने गोली मारी या फिर यह किसी अन्य घटना का नतीजा है। पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और टोल प्लाजा पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद खुलेगा मामला
खेड़की दौला थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि यह जानने की कोशिश की जा रही है कि मनोज ओझा को किस इलाके में गोली लगी और वह घायल अवस्था में टोल प्लाजा तक कैसे पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति साफ हो सकेगी।




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