हरियाणा पहले से अधिक पानी छोड़ रहा, दिल्ली में फिर क्यों पानी की किल्लत बरकरार? जानें वजह
भीषण गर्मी के दिनों में दिल्लीवासी पानी से जूझने लगते हैं। राजधानी के कई इलाके पानी को तरसने लगते हैं। इसको दूर करने के लिए हरियाणा से आने वाले पानी में बढ़ोतरी हुई, लेकिन इसके बावजूद फायदा होता नहीं दिखा। आखिर क्या वजह है?

राजधानी दिल्ली के कई इलाके पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें नॉर्थ, सेंट्रल और साउथ दिल्ली के इलाके शामिल हैं। दिल्ली जल बोर्ड के अफसरों ने इस मामले में बताया, हरियाणा पहले से अधिक पानी छोड़ रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल पैदा हो रहा है कि अगर पड़ोसी राज्य से पानी पहले से अधिक आ रहा है, तो दिल्ली में पानी की किल्लत क्यों बरकरार है? इसी सवाल का जवाब जानिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।
हरियाणा से 125 क्यूसेक पानी अधिक मिल रहा
सबसे पहले आपको बता दें, मई के आखिरी दिनों में हरियाणा से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा था। इसके चलते वजीराबादा रिजर्वायर में पानी न होने से दिल्ली के कई इलाकों में इसकी कमी हो गई थी। लेकिन अब हरियाणा से पहले की तुलना में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया, हरियाणा और दिल्ली सरकार के बीच बातचीत हुई है। इसके बाद से दिल्ली को हरियाणा से अब 125 क्यूसेक से अधिक पानी मिल रहा है।
अफसरों ने बताया, हरियाणा मुनक नहर में पहले से अधिक पानी छोड़ रहा है। इससे बवाना के पास जल बोर्ड को रोजाना करीब 1050 क्यूसेक पानी मिल रहा है। पहले बवाना एंड पर 924 क्यूसेक पानी मिलता था। इससे ये तो साफ है कि दिल्ली में पानी बढ़कर पहुंच रहा है। अब सवाल उठ रहा है तो आखिर दिक्कत कहां आ रही है, जिसके चलते पानी की किल्लत बरकरार है।
क्यों पानी की किल्लत बरकरार?
दरअसल वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी उत्पादन की स्थिति अभी भी बेहतर नहीं हुई है। क्योंकि जितना पानी मिल रहा है, उतना ही उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा, नदी से प्लांट में पानी लाने के लिए जो मास्टर वाटर ड्रेजिंग मशीन से जो चैनल बनाए गए थे, उससे भी कम पानी आ रहा है। क्योंकि नदी में पानी ही नहीं है। इसलिए जहां-तहां से मोटरों की मदद से पानी को लाया जा रहा है। इसलिए प्लांट में पानी का उत्पादन कम होने के चलते दिल्ली के कई हिस्सों में इसकी किल्लत बरकरार है।
हर दिन जरूरत 1380 मिलियन गैलन पानी की, लेकिन मिलता 1000
चलते-चलते समझते चलिए, आखिर दिल्ली में पानी कहां-कहां से आता है। दिल्ली में मुख्य तौर पर 3 जगहों से पानी आता है। यमुना नदी (हरियाणा के जरिए), गंगा नहर प्रणाली (उत्तर प्रदेश के जरिए) और भाखड़ा नांगल प्रणाली (पंजाब के जरिए)। इनमें से यमुना पानी का सबसे बड़ा स्रोत है, इसके जरिए करीब 40 फीसदी पानी दिल्ली पहुंचता है। दिल्ली को हर रोज लगभग 1380 मिलियन गैलन पानी की जरूरत होती है। लेकिन, सामान्य दिनों में करीब 1000 मिलियन गैलन पानी ही मिल पाता है।




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