Haryana human rights panel orders Gurgaon authorities to remove encroachments at Sector 57 'यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है', गुरुग्राम में अतिक्रमण पर एचएचआरसी; DCP को आदेश, Ncr Hindi News - Hindustan
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'यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है', गुरुग्राम में अतिक्रमण पर एचएचआरसी; DCP को आदेश

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गुरुग्राम के अधिकारियों को सेक्टर 57 में अतिक्रमण हटाने और स्थायी उपाय करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि वह सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को नागरिकों के सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन मानता है।

Mon, 26 Jan 2026 02:31 PMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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'यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है', गुरुग्राम में अतिक्रमण पर एचएचआरसी; DCP को आदेश

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गुरुग्राम के अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और स्थायी उपाय करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि वह सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को नागरिकों के सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन मानता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने गुरुग्राम के अधिकारियों को सेक्टर 57 स्थित एक नर्सरी स्कूल परिसर में अतिक्रमण हटाने और निर्माण सामग्री के अवैध रूप से भंडारण को रोकने के लिए तत्काल और स्थायी उपाय करने का निर्देश दिया है। यह सेक्टर गोल्फ कोर्स रोड से मात्र 3 किलोमीटर दूर है।

निरंतर निगरानी की जरूरत

14 जनवरी को आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा द्वारा जारी और शनिवार को सार्वजनिक किए गए अपने आदेश में अचिक्रमण से बचने के लिए निरंतर निगरानी की जरूरत पर जोर दिया। सेक्टर 57 के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने पिछले साल दायर शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पिछले आदेशों के बावजूद साइट पर अवैध गतिविधियां जारी हैं।

सुनवाई के दौरान यादव ने आयोग को सूचित किया कि भवन निर्माण सामग्री का अनधिकृत डंपिंग और भंडारण जारी है। उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई तस्वीरों के साथ अपने दावे का सबूत किया। तस्वीरों में भूमि पर लगातार अतिक्रमण और दुरुपयोग दिखाया गया है।

एमसीजी ने रिपोर्ट में क्या

आयोग ने 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व आदेश के अनुपालन में पेश कई रिपोर्टों की समीक्षा की। गुड़गांव नगर निगम (एमसीजी) की 12 जनवरी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सेक्टर 57 में प्रवर्तन का कार्य एमसीजी को नहीं सौंपा गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) खुद अपने सेक्टरों में इस तरह की सभी गतिविधियों का संचालन करता है।

पुलिस रिपोर्ट में क्या

दिसंबर की एक पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित लोगों को अपने इन कार्यों को रेजिडेंशियल एरिया से बाहर ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था। कुछ ने इसका पालन किया। रिपोर्ट में पिछले वर्ष सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में मोटर वाहन अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और लापरवाहीपूर्ण कृत्यों के तहत दर्ज की गई पांच एफआईआर का उल्लेख किया गया है।

सुनवाई के दौरान, डीसीपी ईस्ट गौरव राजपुरोहित को टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने, अतिक्रमण को स्थायी रूप से हटाने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कदम सुनिश्चित करने और भविष्य में अवैध गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया गया। उन्हें एफआईआर पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया गया, जिसमें यह भी शामिल हो कि मुकदमे शुरू हुए हैं या नहीं। यदि नहीं शुरू हुए हैं तो सभी मामले में जांच की स्थिति क्या है।

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एचएसवीपी प्रशासक ने क्या कहा

एचएसवीपी प्रशासक वैशाली शर्मा से टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से संपर्क किया गया, जिन्होंने आयोग को सूचित किया कि क्षेत्र की बैरिकेडिंग के लिए टेंडर जारी की गई है। बार-बार अतिक्रमणों को देखते हुए उन्हें कड़े सुरक्षात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें कम से कम 8 से 10 फीट ऊंची आरसीसी/सीसी की चारदीवारी का निर्माण और जहां संभव हो वहां स्थायी लोहे की ग्रिल या बाड़ लगाना शामिल है। "अतिक्रमण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी" बताने वाले साइनबोर्ड लगाना और रात में दिखाई देने वाले साइनबोर्ड लगाना शामिल है।

प्रशासक ने बताया कि अतिरिक्त निर्देशों में संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की संभावना तलाशना, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना, पीलरों द्वारा भूमि का सीमांकन करना और समय-समय पर गश्त और अचानक निरीक्षण के लिए स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय करना शामिल था।

गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन

सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोरा ने कहा कि आयोग सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को नागरिकों के सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन मानता है, न कि केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता यादव ने बताया कि हालांकि एचएसवीपी समय-समय पर अतिक्रमण हटाती है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी, ​​निवारक उपायों और सख्त प्रवर्तन की कमी के कारण वही व्यक्ति फिर से अतिक्रमण कर लेते हैं।

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