Gurugram Sohna Road Collapses for the Sixth Time One Lane Closed गुरुग्राम-सोहना रोड छठी बार धंसा, 10 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बना; एक लेन बंद, Ncr Hindi News - Hindustan
More

गुरुग्राम-सोहना रोड छठी बार धंसा, 10 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बना; एक लेन बंद

गुरुग्राम-सोहना हाईवे बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे छठी बार फिर से धंस गया। सूचना मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस हाईवे की तीन में से एक लेन को करीब 100 मीटर तक बैरीकेडिंग कर बंद कर दिया है।

Thu, 7 May 2026 07:41 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
share
गुरुग्राम-सोहना रोड छठी बार धंसा, 10 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बना; एक लेन बंद

गुरुग्राम-सोहना हाईवे बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे छठी बार फिर से धंस गया। सूचना मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस हाईवे की तीन में से एक लेन को करीब 100 मीटर तक बैरीकेडिंग कर बंद कर दिया है।

इस स्थिति की सूचना गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को दे दी है। बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एनएचएआई अधिकारियों को सेक्टर-47 स्थित एसडी आदर्श विद्यालय के सामने गुरुग्राम-सोहना हाईवे के धंसने की सूचना मिली। एनएचएआई अधिकारी पहुंचें तो पाया कि इस हाईवे पर करीब 10 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया है, जोकि करीब 20 फीट गहरा है। गनीमत यह रही कि इसकी वजह से किसी तरह का हादसा नहीं हुआ। एनएचएआई ने बैरीकेडिंग करवाकर एक लेन को बंद कर दिया है। यह सीवर लाइन पिछले साल 18 जून को धंसी थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गुरुग्राम में पत्नी ने शराब पीने को पैसे नहीं दिए, तो बेरोजगार पति ने घोंटा गला

गुरुग्राम-सोहना हाईवे के नीचे से मुख्य सीवर लाइन निकल रही है। यह सीवर लाइन करीब 30 साल पहले डाली गई थी। इसकी हालत अब बदतर अवस्था में है। पिछले साल जीएमडीए ने इस सीवर लाइन को एनएचएआई के हवाले कर दिया था। सीवर लाइन की सीआईपीपी पद्धति से मरम्मत करनी थी। इसको लेकर एनएचएआई ने करीब 99 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:साइबर सिटी गुरुग्राम होगा और स्मार्ट, मोबाइल ऐप से कंट्रोल होंगी स्ट्रीट लाइटें

जुलाई में एनएचएआई अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें जीएमडीए के तत्कालीन सीईओ मौजूद थे। बैठक में फैसला हुआ था कि एनएचएआई इस सीवर लाइन की सीआईपीपी पद्धति से मरम्मत करेगा। इसकी मरम्मत में आई लागत को जीएमडीए वहन करेगा।

इस सीवर लाइन में सेक्टर-45 से लेकर सेक्टर-51 तक का गंदा पानी आता है। यह गंदा पानी बहरामपुर के सीवर शोधन संयंत्र तक जाता है। जीएमडीए ने जुलाई, 2024 में इस सीवर लाइन की सीआईपीपी पद्धति से मरम्मत को लेकर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर लगाया था। एक कंपनी ने 50 प्रतिशत अधिक राशि में टेंडर के लिए बोली लगाई थी। जब टेंडर आवंटन का मामला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कार्य समिति की बैठक में पहुंचा तो अधिक राशि की वजह से टेंडर को रद्द कर दिया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गुरुग्राम मेट्रो के सेकेंड फेज का काम शुरू होने में होगी देरी, जानिए क्या वजह
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।