गुरुग्राम सेक्टर-16 राज्य के पहले मॉडल औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर होगा विकसित, ये होंगे फायदे
गुरुग्राम के सेक्टर-16 को हरियाणा के पहले मॉडल औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने का फैसला किया गया है। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पानी की नई लाइन और सीवर लाइन बिछाई जाएगी। पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। जलभराव की समस्या का समाधान किया जाएगा।

गुरुग्राम के सेक्टर-16 को हरियाणा के पहले मॉडल औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने का फैसला किया गया है। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पानी की नई लाइन और सीवर लाइन बिछाई जाएगी। पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। जलभराव की समस्या का समाधान किया जाएगा।
नगर निगम सेक्टर-16 को मॉडल औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए 11 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें ढाई करोड़ रुपये की लागत से पानी की नई लाइन और सीवर लाइन बिछाई जा रही है। वहीं 8.5 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र की सभी सड़कों को सीमेंटेड किया जाएगा। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर दोनों तरफ पांच-पांच फीट का फुटपाथ बनाया जाएगा। इसके अलावा सड़कों पर अतिक्रमण हटाकर 120 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की जाएगी। बिजली पोल पर नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी।
गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) अध्यक्ष सुमित राव, पूर्व अध्यक्ष जेएन मंगला ने कहा कि वे लोग 25 सालों से सुविधाएं मुहैया कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब प्रदेश सरकार ने मॉडल औद्योगिक क्षेत्र बनाने के आदेश दिए।
120 वाहनों के लिए पार्किंग भी बनेगी
चार साल पहले एचएसआईआइडीसी को औद्योगिक विकास केंद्र के रखरखाव का कार्य दे दिया गया। वर्ष 2008 में नगर निगम गठन होने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। अब निगम यहां 120 वाहनों के लिए पार्किंग भी बनाएगा।
58 वर्ष पूर्व औद्योगिक विकास केंद्र बना था
सेक्टर-16 के करीब 70 एड़क जमीन पर वर्ष 1966-67 में औद्योगिक विकास केंद्र (आईडीसी) विकसित किया गया था। यहां पर 250 औद्योगिक ईकाइयां स्थापित हैं। इसमें ऑटो कंपोनेंट, रबड़ यूनिट, टेक्स्टाइल्स, ऑटो सर्विस उद्योग, निर्यातक, केमिकल, गारमेंट उद्योग शामिल हैं। इन उद्योगों में हजारों कर्मियों को रोजगार मिला है। इस औद्योगिक क्षेत्र का रखरखाव पहले जिला उद्योग विभाग करता था। संशाधन की कमी के कारण दो विभागों को अलग-अलग सुविधाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी दे दी गई।
विजय ढाका, चीफ इंजीनियर, नगर निगम गुरुग्राम, ''सेक्टर-16 के औद्योगिक क्षेत्र में पानी, सीवर, सड़क आदि विकास कार्यों पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी पुरानी लाइन हटाकर नए सिरे से उन्हें डालने का काम होगा।''




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