पिता पर है 2 करोड़ रुपए का कर्ज; गाजियाबाद में बिल्डिंग से कूदने वाली नाबालिगों के मामले में नया मोड़
लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए कहा था कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात कहती थीं। उन्होंने बताया था कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उस गेम में इस तरह के लक्ष्य दिए जाते हैं, जो बच्चों को खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक हाई-राइज अपार्टमेंट की 9वीं मंजिल से गिरकर तीन सगी बहनों (16, 14 और 12 वर्ष) की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शुरुआत में इस घटना को किसी जानलेवा 'कोरियन गेम' से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में अब पारिवारिक कलह, भारी कर्ज और मोबाइल की लत जैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जिसके बाद अब खुद पुलिस भी उलझन में आ गई है।
बुधवार सुबह लड़कियों की मौत के बाद उनके पिता ने पत्रकारों को बताया था कि बच्चियां को एक ऑनलाइन गेम 'कोरियन लव' की लत थी, जिसके तहत उन्हें कुछ टास्क करने होते थे, और आखिरी टास्क में आत्महत्या करना होता था। हालांकि, शाम होते तक पुलिस ने ऐसे किसी गेम के होने की बात से इनकार कर दिया और एक चौंकाने वाला खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि तीनों बहनें या तो अपनी मां या अपने पिता के मोबाइल फोन पर कोरियन शो देखती थीं।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि लड़कियों के पिता गले तक कर्ज में डूबे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक लड़कियों के पिता चेतन कुमार, जो कि एक स्टॉक ट्रेडर हैं, उन पर 2 करोड़ रुपए का कर्ज है। पुलिस ने यह भी बताया कि लड़कियों के पास खुद का मोबाइल फोन नहीं था, क्योंकि उनके पिता ने बिजली का बिल चुकाने के लिए उन्हें बेच दिया था। खराब आर्थिक स्थिति की वजह से ही उनके पिता ने कोरोना महामारी के बाद से बच्चियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया गया था। पिछले हफ्ते ही पिता ने अपना फोन भी बेटियों को देना बंद कर दिया था, जिससे लड़कियां परेशान थीं। साथ ही पिता की तरफ से उन्हें शादी करवा देने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया कि चेतन कुमार की दो पत्नियां हैं और दोनों सगी बहनें हैं। इनमें से पहली पत्नी से एक बेटा और एक बेटी है, जबकि दूसरी पत्नी से ये तीन बेटियां थीं। पहली पत्नी का 14 साल का बेटा मानसिक रूप से विक्षिप्त है, जिसकी देखभाल भी परिवार के लिए एक बड़ा बोझ बनी हुई थी। परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना देर रात उस समय हुई, जब परिवार के बाकी सदस्य सो चुके थे।
बच्चियों के गिरने की खबर मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने जब पुलिस ने लड़कियों के कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। कमरे में परिवार के सदस्यों की फोटो एक घेरे (सर्कल) में रखी हुई थीं। दीवारों पर कविता की पंक्तियां और फिल्मों के डायलॉग जैसे वाक्य लिखे हुए मिले। साथ ही जांच के दौरान पुलिस को एक 8 पन्नों की पॉकेट नोटबुक भी मिली, जिसमें लड़कियों ने माता-पिता के नाम संदेश में लिखा था, 'इस डायरी को जरूर पढ़ना क्योंकि यह सब सच है।' इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी बना था और लिखा था, 'माफ करना पापा, मुझे सच में बहुत अफसोस है।'
इससे पहले बुधवार सुबह लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए कहा था कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात कहती थीं। उन्होंने बताया था कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उस गेम में इस तरह के लक्ष्य दिए जाते हैं, जो बच्चों को खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसा सकते हैं। उन्होंने कहा था, इन सब बातों की जानकारी मुझे तब हुई, जब पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उनके मोबाइल फोन की जांच की।
साथ ही कुमार ने बताया था कि लड़कियां पिछले दो-तीन साल से स्कूल नहीं जा रही थीं, क्योंकि वे पढ़ाई में फेल हो गई थीं। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी और वे धीरे-धीरे अकेली रहने लगी थीं। (एजेंसी इनपुट के साथ)




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