गाजियाबाद अग्निकांड: आग बुझाने में रोड़ा बने पार्क-अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर, जांच के आदेश
गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण अग्निकांड को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। डीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। नगर निगम को अवैध निर्माण, बालकनी विस्तार और पार्किंग अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए हैं।

इंदिरापुरम की एक रिहायशी सोसायटी गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी भीषण आग को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर ने एक बहु-विभागीय जांच समिति गठित की है, जो इस घटना में हुई लापरवाही और आग फैलने के कारणों की जांच करेगी। इस अग्निकांड में कम से कम 8 फ्लैट जल गए थे। प्रशासन ने जिला विकास प्राधिकरण और नगर निगम को अवैध निर्माण, बालकनी विस्तार और पार्किंग अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि आपातकालीन सेवाओं को बाधा न हो।
आग बुधवार को गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के टॉवर-डी की नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पांच मंजिलों में फैले आठ फ्लैट इसकी चपेट में आ गए। दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि जिस फ्लैट में आग लगी, वह कमल पालीवाल का है, जो वहां नहीं रहते थे और फ्लैट पिछले पांच साल से रेनोवेशन के तहत था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वहां रोज दीया जलाया जाता था, जिससे आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग लगने का वास्तविक कारण अभी जांच के बाद ही सामने आएगा।
आग तेजी से फैलने की वजह
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के अनुसार, बालकनियों में लगे पीवीसी शीट आग फैलने की बड़ी वजह बने। उन्होंने बताया कि ये शीट अत्यधिक ज्वलनशील होती हैं, जिससे आग नौवीं से 13वीं मंजिल तक तेजी से फैल गई।
आग बुझाने में कड़ी मशक्कत
दमकल टीम को मौके पर पहुंचने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोसायटी के अंदर पार्किंग और अतिक्रमण के कारण रास्ते बंद थे, जिससे फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और क्रेन तुरंत नहीं पहुंच सकीं। कई वाहनों को हटाने के बाद रास्ता साफ किया गया। इसके अलावा, पार्क के पास बनी बाउंड्री वॉल ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन को धीमा कर दिया।
सोसायटी प्रबंधन और निर्माण पर सवाल
सोसायटी के एओए अध्यक्ष कुंजेश सिंह पंवार ने बताया कि बाउंड्री वॉल और लेआउट बिल्डर द्वारा बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध बालकनी विस्तार को लेकर पहले शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सख्त कार्रवाई के निर्देश
घटना के बाद जिला प्रशासन ने 17 विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हाईराइज बिल्डिंग, अस्पताल, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और स्कूलों में फायर सेफ्टी की नियमित जांच की जाए। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिले, वहां नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फायर स्टेशनों की कमी भी उजागर
सीएफओ राहुल पाल ने राजनगर एक्सटेंशन और अन्य हाईराइज इलाकों के पास नए फायर स्टेशन की जरूरत बताई। फिलहाल जिले में पांच फायर स्टेशन काम कर रहे हैं और दो निर्माणाधीन हैं। दमकल विभाग ने जिले में 42 ऐसी इमारतों की पहचान की है, जो फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं कर रहीं और खतरनाक स्थिति में हैं। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।




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