GDA की कई कॉलोनियां अब गाजियाबाद नगर निगम के हवाले, 3.5 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सात प्रमुख योजना अब नगर निगम को हस्तांतरित हो गईं। इनमें स्वर्णजयंतीपुरम समेत कई कॉलोनी, नगर निगम मुख्यालय, राजनगर एक्सटेंशन की 45 मीटर चौड़ी सड़क और एक एसटीपी शामिल हैं। नगर निगम अब इन कॉलोनियों की जिम्मेदारी संभालेगी।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सात प्रमुख योजना अब नगर निगम को हस्तांतरित हो गईं। इनमें स्वर्णजयंतीपुरम समेत कई कॉलोनी, नगर निगम मुख्यालय, राजनगर एक्सटेंशन की 45 मीटर चौड़ी सड़क और एक एसटीपी शामिल हैं। नगर निगम अब इन कॉलोनियों की जिम्मेदारी संभालेगी। कॉलोनियों के हस्तांतरण से साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी। जीडीए 66 करोड़ 32 लाख रुपये किस्तों में निगम को देगा।
जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बुधवार को हस्तांतरण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम बी-ब्लॉक, गोविंदपुरम योजना का सी, पी ब्लॉक, प्रताप विहार सेक्टर-12 भाऊराव देवरस योजना के ए, बी, एच ब्लॉक जीडीए की योजना थीं। राजनगर एक्सटेंशन की 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क, गोविंदपुरम स्थित एसटीपी और निगम मुख्यालय भी प्राधिकरण के थे। जीडीए मुख्यालय में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल ने हस्तांतरण कार्यवृत पर हस्ताक्षर किए।
प्राधिकरण 66 करोड़ 32 लाख रुपये निगम को देगा, ताकि अधूरे विकास कार्यों को तेजी से कराया जा सके। एक फरवरी को पहली किस्त के 33 करोड़ 16 लाख रुपये दिए जाएंगे। दूसरी किस्त के 33 करोड़ 16 लाख रुपये 25 मार्च तक दिए जाएंगे । एक अप्रैल से इन योजनाओं की सड़कें, नाली, नाले, पानी की लाइन, ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक, सीवर लाइन, सेंट्रल वर्ज, फुटपाथ, पार्क और हरित पट्टी हस्तांतरण मानी जाएगी।
नगर निगम को गृहकर देना होगा : कॉलोनियों के हस्तांतरण के बाद निगम अब गृहकर वसूलेगा। इसके लिए टैक्स विभाग सर्वे कराएगा। निगम संपत्ति के अलावा पानी और सीवर कर भी लेगा। जीडीए लोगों से विकास शुल्क वसूल रहा था। हस्तांतरण के बाद विकास शुल्क वसूलना बंद हो जाएगा। गृहकर के अलावा लोगों को कूड़ा शुल्क भी देना होगा।
इस तरह कर निर्धारण होगा : भवन के क्षेत्रफल को 12 से गुना किया जाएगा। इसके बाद जितनी चौड़ी सडक पर भवन है उसी श्रेणी के अनुसार तय दर से गुना किया जाएगा होगा। अंतिम परिणाम भवन का वार्षिक मूल्यांकन होगा। इस मूल्यांकन का 10 फीसदी संपत्ति कर, 10 फीसदी जलकर और चार फीसदी सीवर और ड्रेनेज टैक्स होगा।
जलापूर्ति में सुधार होगा
स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम बी-ब्लॉक, गोविंदपुरम योजना का सी, पी ब्लॉक, प्रताप विहार सेक्टर-12 भाऊराव देवरस योजना में सुविधाएं बढ़ेंगी। सड़कों का निर्माण होगा। सीवर और जलापूर्ति में सुधार होगा। जल निकासी के लिए नालों का निर्माण कराया जाएगा। हर मार्ग की प्रकाश व्यवस्था सुधरेगी।
सीवर, सड़क सहित कई सुविधाएं मिलेंगी
स्वर्ण जयंतीपुरम कॉलोनी में करीब 1650 मकान हैं। भाऊराव देवरस कॉलोनी में 630 मकान हैं। कर्पूरीपुरम बी-ब्लॉक, गोविन्दपुरम के सी, पी ब्लॉक में भी बड़ी संख्या आवासीय मकान हैं। कॉलोनियों के हस्तांतरण से साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी। यहां जलकल विभाग नई सीवर और पानी की लाइन डालेगा। निर्माण विभाग सड़कों का निर्माण कराएगा। अब हर घर से कूड़े का उठान होगा। पार्कों से लेकर मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था में सुधार होगा।
नंदकिशोर कलाल, उपाध्यक्ष, जीडीए, ''66 करोड़ 32 लाख रुपये किस्तों में निगम को दिए जाएंगे। यह रकम मार्च तक देनी है। हस्तांतरण की सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है।''
विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त, ''जीडीए की सात प्रमुख योजनाओं के हस्तांतरण की सभी प्रक्रिया पूरी हो गई हैं। जीडीए दो किस्तों में पैसा देगा। एक अप्रैल से निगम विकास कार्य शुरू कराएगा। लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।''




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