चीनी सॉफ्टवेयर टूल से चोरी के मोबाइल करता था अनलॉक, पुलिस ने किया गैंग का भंडाफोड़
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 45 एंड्रॉइड स्मार्टफोन, 22 मोबाइल फोन की बॉडी, एक लैपटॉप और मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने वाला एक खास चाइनीज एएमपी टूल बरामद किया है।

पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ ने करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में चल रहे एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह चोरी के मोबाइल फोन खरीदकर उन्हें अत्याधुनिक विदेशी सॉफ्टवेयर की मदद से अनलॉक कर ग्रे मार्केट में बेचता था। पुलिस ने इस मामले में दो मोबाइल सॉफ्टवेयर टेक्नीशियनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 45 एंड्रॉइड स्मार्टफोन, 22 मोबाइल फोन की बॉडी, एक लैपटॉप और मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने वाला एक खास चाइनीज एएमपी टूल बरामद किया है।
डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि चोरी के मोबाइलों की बरामदगी के अभियान के दौरान स्पेशल स्टाफ को गफ्फार मार्केट के एक नेटवर्क के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में टीम ने करोल बाग के बीडन पुरा स्थित केजीएन सॉफ्टवेयर एंड मोबाइल रिपेयरिंग इंस्टीट्यूट पर छापा मारा। मौके से गाजियाबाद के लोनी निवासी 29 वर्षीय मोहम्मद जलाल और राजपुर खुर्द एक्सटेंशन निवासी 27 वर्षीय इमरान को गिरफ्तार किया गया।
चाइनीज टूल से बाईपास करते थे लॉक
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। दोनों आरोपी 12वीं पास हैं और तकनीकी रूप से बेहद माहिर हैं। वे चोरी के फोन प्राप्त करने के बाद ''चाइनीज एएमपी टूल'' का इस्तेमाल करते थे। यह टूल मोबाइल के फैक्ट्री रीसेट प्रोटेक्शन और अन्य सिक्योरिटी फीचर्स को बाईपास कर देता था। इसके बाद फोन का पुराना सारा डेटा मिटाकर उसे नए फोन की तरह बाजार में बेच दिया जाता था।
तीन राज्यों के मामलों का खुलासा
पुलिस की जांच में अब तक सात बरामद मोबाइल फोन दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज चोरी और गुमशुदगी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं। इनमें दिल्ली के मधु विहार, न्यू अशोक नगर, मंडावली, गाजीपुर और रेलवे थाने के अलावा पानीपत, हरियाणा और मुजफ्फरनगर, यूपी के मामले शामिल हैं। पुलिस फिलहाल बाकी मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबरों का विश्लेषण कर रही है और गिरोह के अन्य सप्लायर्स और खरीदारों की तलाश में जुटी है।




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