गुरुग्राम में DLF के 4500 से अधिक मकानों की जांच के लिए 5 टीमें गठित, क्या है वजह
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में डीएलएफ गुरुग्राम के मकानों में अवैध निर्माण और अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की रिपोर्ट दाखिल करने से पहले जांच होगी। नगर और ग्राम नियोजन विभाग की वरिष्ठ नगर योजनाकार ने इस सिलसिले में पांच सहायक नगर योजनाकार की अध्यक्षता में टीमों का गठन किया है।

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में डीएलएफ गुरुग्राम के मकानों में अवैध निर्माण और अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की रिपोर्ट दाखिल करने से पहले जांच होगी। नगर और ग्राम नियोजन विभाग की वरिष्ठ नगर योजनाकार ने इस सिलसिले में पांच सहायक नगर योजनाकार की अध्यक्षता में टीमों का गठन किया है।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने डीएलएफ के फेज-1 से 5 तक सर्वे करने के बाद 4565 मकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें नक्शा और कब्जा प्रमाणपत्र का उल्लंघन हुआ है। मकानों में अवैध रूप से निर्माण कर लिया है। अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन चल रहा है, जिसकी वजह से स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पांच टीमों का गठन किया
खासकर ईडब्ल्यूएस मकानों को पांच से सात मंजिला बना दिया है और इन्हें पीजी और गेस्ट हाउस में तब्दील कर दिया है। इस नोटिस के बाद मकान मालिकों की तरफ से जवाब दाखिल किए जा रहे हैं। अधिकांश मकान मालिकों ने बताया है कि उन्होंने नोटिस मिलने के बाद मकान को मंजूर नक्शे और कब्जा प्रमाणपत्र के मुताबिक कर लिया है। इसकी जांच को लेकर अब वरिष्ठ नगर योजनाकार रेणुका सिंह ने पांच टीम का गठन किया है।
जांच टीमों में कौन-कौन शामिल
डीएलएफ फेज-एक के लिए सहायक नगर योजनाकार दिव्या दहिया को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनकी टीम में कनिष्ठ अभियंता आकाश राव एवं नवीन कुमार शामिल हैं। सहायक नगर योजनाकार ज्योति यादव को डीएलएफ फेज-दो में जांच की जिम्मेदारी दी है। इसमें कनिष्ठ अभियंता कनिष्ठ अभियंता हर्षित सलूजा, सुमित कुमार, अंकुर शामिल है।
डीएलएफ फेज-तीन में सहायक नगर योजनाकार नवीन भौरह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। इनकी टीम में कनिष्ठ अभियंता राजन झा, अजीत सिंह, एफआई इंद्र की तैनाती की गई है। डीएलएफ फेज-चार में जांच सहायक नगर योजनाकार कुलदीप को दी गई है।
16 जनवरी को जवाब दाखिल करना होगा
बता दें कि डीटीपीई कार्यालय में इन मकान मालिकों को 16 जनवरी तक जवाब दाखिल करना है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मकान मालिकों की सुनवाई करने के बाद 31 जनवरी तक डीटीपीई कार्यालय को जवाब दाखिल करना है।
अमित मधोलिया, डीटीपीई, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, ''डीएलएफ में करीब साढ़े चार हजार मकान मालिकों को नोटिस दिए हैं। इसकी एवज में मकान मालिकों की तरफ से जवाब दिए जा रहे हैं। इन जवाब की जांच को लेकर पांच टीम बनाई हैं।''




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