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विश्व पुस्तक मेले में पहली बार नहीं लगेगी कोई एंट्री फी; एक पहल बेहद खास; 5 बड़ी बातें

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहे विश्व पुस्तक मेला 2026 में पहली बार प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। इसमें 35 से अधिक देशों के 1000 से ज्यादा प्रकाशक शामिल होंगे। इस बार क्या खास…

Thu, 8 Jan 2026 04:15 PMKrishna Bihari Singh भाषा, नई दिल्ली
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विश्व पुस्तक मेले में पहली बार नहीं लगेगी कोई एंट्री फी; एक पहल बेहद खास; 5 बड़ी बातें

विश्व पुस्तक मेला 2026 दिल्ली के भारत मंडपम में 10 से 18 जनवरी तक आयोजित हो रहा है।मेले में पहली बार प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है। इसमें 35 से अधिक देशों के 1000 से ज्यादा प्रकाशक शामिल होंगे। इस बार भारतीय सशस्त्र सेनाओं को समर्पित है। इस 53वें विश्व पुस्तक मेले की थीम 'भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं विवेक' रखी गई है, जिसमें सेना के साहस और बलिदान को प्रदर्शित किया जाएगा।

पहली बार कोई एंट्री फी नहीं

पहली बार पुस्तक मेले में प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है। यह पहलकदमी राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुस्तकों और ज्ञान को सभी के लिए सुलभ बनाने के सिद्धांत को मजबूती देती है।

सेना का सम्मान, सबसे खास बात

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भारतीय सशस्त्र सेनाओं को समर्पित होगा। इस मेले का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा किया जा रहा है। भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) इस आयोजन में सहआयोजक की भूमिका निभा रहा है। मेले का उद्घाटन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। इस खास मौके पर कतर और स्पेन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेंगे।

सेनाओं के शौर्य पर खास मंडप

इस बार पुस्तक मेले का मुख्य आकर्षण ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं विवेक’ थीम पर आधारित पवेलियन होगा। भारतीय सेनाए नौसेना और वायुसेना के साहस और बलिदान को सम्मान देने के लिए 1,000 वर्ग मीटर का एक विशेष मंडप बनाया गया है। इस मंडप में सैन्य इतिहास से जुड़ी 500 से अधिक पुस्तकेंए प्रदर्शनियां पोस्टर और डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएंगी। मंडप में विशेष इंस्टॉलेशन के जरिए लोग सेना की भूमिका को करीब से समझ सकेंगे।

सेनाओं पर 100 से ज्यादा कार्यक्रम

भारतीय सेनाओं को समर्पित इस मंडप में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और तेजस विमान के मॉडल मुख्य आकर्षण होंगे। इस मंडप में 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी और 1947 से लेकर अब तक के प्रमुख युद्धों पर विशेष चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावाए सेना की वीरता और इतिहास पर आधारित 100 से भी ज्यादा कार्यक्रम इस मेले में देखने को मिलेंगे।

35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशक

53वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला नौ दिनों तक चलेगा। इसमें 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशकों के 3000 से ज्यादा स्टॉल शामिल होंगे।

600 से अधिक आयोजन

इस बार विश्व पुस्तक मेले में 600 से अधिक आयोजनों में 1000 से ज्यादा वक्ता सवांद करेंगे और 20 लाख से अधिक लोगों के इसमें शामिल होने की सभांवना है।

वंदेमातरम और सरदार पटेल पर प्रदर्शनियां

मेले में वंदेमातरम के 150 वर्ष पर विशेष प्रस्तुतियां होंगी। यही नहीं सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उनके जीवन और योगदान को समर्पित विशेष प्रदर्शनियां भी आयोजित होंगी।

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इन देशों को सम्मान

विश्व पुस्तक मेले में इस बार कतर को सम्मानित अतिथि देश के रूप में सम्मान दिया गया है। स्पेन को फोकस देश के रूप में शामिल किया गया है। रूस, जापान, फ्रांस और ईरान सहित कई अन्य देशों के प्रकाशक और लेखक भी इस मेले में हिस्सा लेंगे। इस साल पहली बार जापान से 30 लोगों का एक दल इंडिया जापान पब्लिशर्स मीट कार्यक्रम में भाग लेने आ रहा है। यह आयोजन लेखकों और प्रकाशकों को एक-दूसरे से जुड़ने का खास मौका देगा।

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