200 करोड़ के घोटाले में फरीदाबाद नगर निगम का इंस्पेक्टर गिरफ्तार, अन्य आरोपी भी पुलिस के रडार पर
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो नगर निगम के करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले में गत वर्ष दर्ज हुए दो मामलों में से एक में नगर निगम के इंस्पेक्टर नवीन रतड़ा को गिरफ्तार किया है। दूसरे मामले में भी आरोपी इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी होगी।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो नगर निगम के करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले में गत वर्ष दर्ज हुए दो मामलों में से एक में नगर निगम के इंस्पेक्टर नवीन रतड़ा को गिरफ्तार किया है। दूसरे मामले में भी आरोपी इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी होगी।
इस मामले में ब्यूरो की टीम जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है। ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, गत वर्ष 12 अगस्त को ब्यूरो ने नगर निगम के अधिकारियों और एक ठेकेदार के खिलाफ सात करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक के घोटाले में मुकदमा दर्ज किया था। ब्यूरो की जांच में सामने आया है कि 27 नवंबर 2018 को मोहना रोड, बल्लभगढ़ स्थित आरएमसी रोड के किनारे इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने के नाम पर आठ फर्जी वर्क ऑर्डर जारी किए गए।
इन वर्क ऑर्डरों की मूल अनुमानित लागत 40 लाख छह हजार रुपये थी, जिसे मात्र 20 दिनों के अंदर बढ़ाकर सात करोड़ 63 लाख आठ हजार सात रुपये कर दिया गया। आरोप है कि उपरोक्त करोड़ों की राशि बिना कार्य कराए ही ठेकेदार सतबीर सिंह के खाते में जारी कर दी गई। जांच में पता चला कि संबंधित वर्क ऑर्डर नगर निगम की किसी भी शाखा से जारी नहीं हुए थे। डिस्पैच रजिस्टर में भी इन नंबरों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
दो सौ करोड़ रुपये के घोटाले के नाम से चर्चित इस घोटाले में पांच मामले दर्ज हो चुके हैं और इनमें गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। ब्यूरो को अदालत में यह साबित करना होगा कि नगर निगम के खजाने से रकम तो ली गई, लेकिन मौके पर काम नहीं हुआ।
इस घोटाले के एक मामले में पूर्व निगमायुक्त के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। इसमें ठेकेदार सतवीर, पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कर, रमन शर्मा के साथ-साथ उपरोक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, इस मामले में तीन पूर्व निगमायुक्तों पर भी आरोप लगा था, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई।




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