20 मिनट तक धमाके, लोग बोले- लगा जैसे भूकंप आया हो; फरीदाबाद अग्निकांड की कहानी
फरीदाबाद के सेक्टर-24 में एक वर्कशॉप में हुए जोरदार धमाकों और भीषण आग से हड़कंप मच गया। धमाके इतने तेज थे कि लोगों को भूकंप जैसा अहसास हुआ। दमकल की 27 गाड़ियों ने 4 घंटे में आग पर काबू पाया।

फरीदाबाद के सेक्टर-24 मुजेसर स्थित अस्थाई औद्योगिक क्षेत्र की एक वर्कशॉप में सोमवार को अचानक हुए लगातार धमाकों और भीषण आग की घटना से पूरा इलाका दहल उठा। करीब 20 मिनट तक एक के बाद एक हुए जोरदार विस्फोटों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। धमाकों के साथ उठती आग की लपटें और काले धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देता रहा। इस दौरान आसपास की वर्कशॉप और फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर व कर्मचारी जान बचाकर बाहर भागे, जबकि पास की कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
वेल्डिंग की चिंगारी से आग लगने का शक
बताया जाता है कि मुजेसर की मैसर्स कालका ऑयल कटर वर्कशॉप में सीएनसी मशीन से स्टील और एल्युमिनियम काटने का काम होता है। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे एक क्रेन में वेल्डिंग की जा रही थी जिससे निकली चिंगारी से आग लग गई। इसे बुझा लिया गया था लेकिन एक चिंगारी पास की दुकानों के बाहर रखे तेल और केमिकल के ड्रमों पर जा गिरी जिससे ड्रमों ने आग पकड़ ली और उनमें धमाके होने लगे।
दमकल की 27 गाड़ियां लगाई गईं
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल की 27 गाड़ियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि आग की चपेट में आने से 20 से अधिक वाहन जल गए। पुलिस की टीम मौके पर जांच में जुटी है।
लोग बोले- लगा जैसे भूकंप आया हो
घटना स्थल के पास एक वर्कशॉप में काम करने वाले प्रत्यक्षदर्शी कमल मोहन, राकेश और दीपक गुप्ता ने बताया कि उनकी वर्कशॉप में स्प्रिंग बनाने का काम होता है। शाम करीब चार बजे वह अपनी वर्कशॉप में काम कर रहे थे, तभी तेज धमाका हुआ, धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा मानो जैसे भूकंप आ गया हो।
धमाकों पर धमाके, एक किलोमीटर तक कंपन
मुख्य द्वार पर लगा गेट जोरदार आवाज से खुल गया, लगा किसी ने टक्कर मारी है। इस दौरान करीब एक किलोमीटर तक जमीन तक हिलती महसूस हुई और कुछ स्थानों पर खिड़कियों के शीशे भी कंपन से चटख गए। वहीं आसपास काम कर रहे अन्य कर्मचारियों ने बताया कि पहले एक जोरदार धमाका हुआ, फिर कुछ मिनटों के अंतराल पर कई विस्फोट होते रहे। धमाकों के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
भागते नजर आए लोग
मजदूर, दुकानदार और स्थानीय लोग सभी अपने को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही मुजेसर थाना और आसपास की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने से रोक दिया।
इस वजह से भी आग लगने का संदेह
वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी कमल मोहन के अनुसार, जिस वर्कशॉप में धमाका हुआ उसके पीछे एक वर्कशॉप है। उसमें एक सिलिंडर में ब्लॉस्ट होने की आशंका है। इससे सटी वर्कशॉप की दीवार गिर गई, दो लोग दब गए, दीवार गिरने से वर्कशॉप के प्रथम लगी एक सीएनसी मशीन और कर्मचारी नीचे की मशीन पर गिर गए। वर्कशॉप के बाहर 20 से अधिक केमीकल से भरे ड्रम रखे थे। इनमें एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे, जिससे आसपास के वाहन भी चपेट में आ गए।
चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुझी आग
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि शुरुआत में उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था। आग तेजी से फैलती जा रही थी और अंदर रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण बीच-बीच में छोटे-छोटे विस्फोट भी होते रहे। करीब चार घंटे तक लगातार पानी और फोम का इस्तेमाल कर आग को पूरी तरह बुझाया गया। दमकल कर्मियों ने आसपास की वर्कशॉप तक आग फैलने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती।




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