शर्मनाक तस्वीर; फरीदाबाद में ठेले पर शव ले जाने की घटना पर AAP का BJP सरकार पर हमला
फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक परिवार को अपने परिजन का शव ठेले पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने इसे भाजपा सरकार की संवेदनहीनता बताया है।

फरीदाबाद से बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जहां गरीबी के कारण एक परिवार को शव ठेले पर ले जाने को मजबूर होना पड़ा। बताया जाता है कि परिवार के पास निजी एंबुलेंस के 700 रुपये चुकाने के पैसे नहीं थे इसलिए मजबूरन उसके बुजुर्ग दादा शव को ठेले पर रखकर 10 किलोमीटर दूर घर तक ले गए। इस मुद्दे को लेकर सियासत गर्म हो गई है। AAP के नेशनल मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने इस घटना को BJP की असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया है।
आप का भाजपा पर जोरदार हमला
आम आदमी पार्टी के नेशनल मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने फरीदाबाद की घटना को BJP की असंवेदनशीलता का चौंकाने वाला उदाहरण बताया। ढांडा ने कहा कि इस घटना ने सरकार की नाकामी को उजागर किया है। डॉक्टरों ने भी माना कि शव को ले जाने के लिए कोई इंतजाम नहीं था। खाली स्वास्थ्य पदों, डॉक्टरों, नर्सों, बेड की कमी और खराब एम्बुलेंस सिस्टम की ओर इशारा करते हुए ढांडा ने कहा कि हरियाणा का हेल्थकेयर सिस्टम भगवान भरोसे चल रहा है।
पंजाब के हेल्थ मॉडल से सबक लें सीएम
अनुराग ढांडा ने CM नायब सिंह सैनी से आग्रह किया कि वे पंजाब के हेल्थ मॉडल से सबक लेकर हरियाणा के हेल्थकेयर सिस्टम को ठीक करें। उन्होंने पूछा कि जब न तो इलाज मिलता है और न ही मौत के बाद सम्मान, तो ऐसी सरकार का क्या ही फायदा?
एम्बुलेंस तक देने में विफल रही सरकार
एक अन्य पोस्ट में AAP नेता अनुराग ढांडा ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि क्या नरेन्द्र मोदी, जेपी नड्डा, नायब सिंह सैनी…किसी में भी थोड़ी भी नैतिकता बची है? झुनझुन जी की कहानी भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की असली और डरावनी तस्वीर दिखाती है। एक गरीब इंसान लाखों खर्च करके भी अपने परिवार की जान नहीं बचा पाता। शर्मनाक बात यह है कि हरियाणा सरकार इस परिवार को एक एम्बुलेंस तक देने में विफल रही।
ठेले पर शव ले गया परिवार
गांव सारण के निवासी झुनझुन की पत्नी अनुराधा टीबी से बीमार थी। वह उसे इलाज के लिए बीके अस्पताल लाए थे जहां उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परिवार शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस मांगता रहा लेकिन मदद नहीं मिली। परिवार करीब डेढ़ घंटे तक शव के साथ अस्पताल में खड़ा रहा। आखिरकार परिवार ठेले पर शव को ले गया। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। एक बड़े सरकारी अस्पताल की ऐसी संवेदनहीनता ने इंतजामों पर सवाल उठाए हैं।




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