6 थानों के चक्कर लगाए पर…; दिल्ली में गड्ढे में गिरकर मरने वाले कमल के परिवार का पुलिस पर बड़ा आरोप
दिल्ली में रात को घर लौटते समय गड्ढे में गिरकर जान गंवाने वाले बाइकर के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि वे घंटों तक अंधेरे में उसे ढूंढते रहे। 6 थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अगले दिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली।

दिल्ली में रात को घर लौटते समय गड्ढे में गिरकर जान गंवाने वाले बाइकर के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि वे घंटों तक अंधेरे में उसे ढूंढते रहे। 6 थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अगले दिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली।
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात खुले गड्ढे में गिरने से 25 साल के कमल ध्यानी की मौत हो गई। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उसके भाई ने आरोप लगाया कि कई थानों के चक्कर लगाने के बावजूद परिवार को कोई मदद नहीं मिली। उन्हें इस दुखद घटना के बारे में तब पता चला जब एक पुलिस अधिकारी ने कमल का फोन उठाया। उन्हें बताया गया कि उसकी लाश मिल गई है।
कहा था कि 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा
भाई ने बताया कि जब मैंने आखिरी बार उससे बात की थी तो उसने कहा था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब मैंने रात 12:30 बजे उसे दोबारा कॉल किया तो उसने फोन नहीं उठाया। हम परेशान हो गए। हमने उसे ढूंढ़ना शुरू किया। मैं पहले रोहिणी में उसके ऑफिस गया, फिर जनकपुरी थाना गया।
…तो मेरा भाई आज जिंदा होता
पुलिस ने हमें इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई थी। हम उसे ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। यह बहुत बड़ी लापरवाही है। मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गिर जाए। हमने कम से कम 6 थानों का दौरा किया, लेकिन हमें कोई मदद नहीं मिली। सुबह जब मैंने फिर से अपने भाई के फोन नंबर पर कॉल किया तो पुलिस ने कॉल उठाया। उन्होंने हमें बताया कि उसकी लाश गड्ढे से बरामद कर ली गई है। उसने कहा कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो मेरा भाई आज जिंदा होता।
सुबह 11 बजे तक इंतजार करने को कहा गया
मृतक के एक दोस्त ने बताया कि जब वे पुलिस के पास गए तो उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए सुबह 11 बजे तक इंतजार करने को कहा गया। हालांकि पुलिस फोन ट्रैक करने को तैयार हो गई, लेकिन आरोप है कि उन्होंने सही लोकेशन नहीं बताई। उसने बताया कि सात लोगों ने पूरी रात कमल को ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिला।
दोस्त ने बताया कि मैंने कल रात उससे बात की थी जब वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंचा था। वह घर से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर था। हमने एक घंटे इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आया। एक घंटे बाद हम डिस्ट्रिक्ट सेंटर आए। उसके साथ पहले भी दो बार एक्सीडेंट हो चुके थे, इसलिए हमें लगा कि शायद ऐसा ही कुछ हुआ होगा। वह हमारा फोन भी नहीं उठा रहा था।
हमने गड्ढे में देखा तो वह वहां नहीं था
उसकी बाइक कहीं नहीं दिख रही थी। जब हम शिकायत दर्ज कराने थाने गए तो हमें बताया गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। रिक्वेस्ट करने पर पुलिस ने मेरे दोस्त की लोकेशन ढूंढने में हमारी मदद की और हमें यहां 200 मीटर के दायरे में उसे ढूंढ़ने के लिए कहा। 7 लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसे ढूंढ रहे थे, लेकिन वह नहीं मिला। रात 1 बजे जब हमने गड्ढे में देखा तो वह वहां नहीं था। हम हर समय इसी सड़क पर थे, लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा कि हमारे चेक करने के बाद वह यहां कैसे पहुंचा।
हमें शक है कि उसकी हत्या की गई है
एक और दोस्त ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि रात में फोन क्यों ट्रेस नहीं किया जा सका। हमें शक है कि उसकी हत्या की गई है। उसके माता-पिता पर क्या बीत रही होगी। वह 25 साल का था और रोहिणी सेक्टर 10 में एचडीएफसी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। अब गड्ढे के चारों ओर पुलिस तैनात कर दी गई है और बैरिकेड लगा दिए गए हैं। वे यह पहले क्यों नहीं कर पाए? मेरे दोस्त की जान बच सकती थी।
मामले की जांच की जाएगीः डीसीपी
डीसीपी (वेस्ट) शरद भास्कर ने कहा कि अगर परिवार को पर्याप्त मदद नहीं मिली तो मामले की जांच की जाएगी। डीसीपी ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के किसी काम के लिए एक गड्ढा खोदा गया था। कल रात 25 साल के कमल ध्यानी की बाइक उस गड्ढे में गिर गई और दुर्भाग्य से उनकी मौत हो गई। हम डीजेबी के इस काम से जुड़े सभी लोगों की जांच करेंगे।
हेड कांस्टेबल ने 2.5 घंटे तक ढूंढा
डीसीपी ने बताया कि मृतक का भाई सुबह करीब 2:45 बजे जनकपुरी थाना आया और उसने बताया कि उसका भाई अभी तक घर नहीं पहुंचा है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को ट्रैक किया, जिसकी लोकेशन जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट पार्क दिखा रही थी। हेड कांस्टेबल रामकेश ने परिवार वालों के साथ मिलकर करीब 2.5 घंटे तक मृतक को ढूंढा, लेकिन वे उसे नहीं ढूंढ पाए।
उन्होंने आगे कहा कि सुबह 8 बजे एक महिला ने पुलिस को फोन करके बताया कि एक 15 फुट गहरे गड्ढे में एक लाश पड़ी है। तभी सब कुछ सामने आया। अभी तक हमें पता चला है कि परिवार जनकपुरी थाना गया था, लेकिन अगर परिवार कहता है कि उन्हें 6-7 थानों से मदद नहीं मिली तो हम इसकी जांच करेंगे।




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