दिल्ली: गाड़ियों के नकली पुर्जे बनाने-बेचने वाले गिरोह के 11 लोग अरेस्ट, 69 लाख का माल-कैश जब्त
ये गिरोह नामचीन ऑटोमोबाइल कंपनियों के ब्रांड के नाम से गाड़ियों के नकली पार्ट्स बनाने-बेचने की धोखाधड़ी करता है। पुलिस ने करोल बाग इलाके में चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें लगभग 50 लाख रुपये कीमत के नकली स्पेयर पार्ट्स और 19 लाख रुपये की नकदी जब्त की।

राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में ऑटोमोबाइल के नकली स्पेयर पार्ट्स बनाने और सप्लाई करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। ये गिरोह नामचीन ऑटोमोबाइल कंपनियों के ब्रांड के नाम से गाड़ियों के नकली पार्ट्स बनाने-बेचने की धोखाधड़ी करता है। पुलिस ने करोल बाग इलाके में चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें लगभग 50 लाख रुपये कीमत के नकली स्पेयर पार्ट्स और 19 लाख रुपये की नकदी जब्त की।
गिरोह का कथित सरगना धीरज सिंह बताया गया है। इसकी उम्र करीब 38 साल है। उसके साथ-साथ कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह कथित तौर पर बिना वैरीफाइड लोगों से सस्ते दामों पर घटिया क्वालिटी के पार्ट्स खरीदता था। इसके बाद उनकी नकली ब्रांडिंग करके दोबारा पैक करता था और दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर देता था।
इन नकली पार्ट्स को बेचने के दौरान ये लोग दावा करते थे कि ये सामान अतिरिक्त है। एक अन्य तरह का भी बहाना बनाया जाता था कि इन सामान को एक्सपोर्ट करने से रिजेक्ट कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि ज़्यादातर लेन-देन नकद और अज्ञात यूपीआई खातों के ज़रिए किए जाते थे, ताकि पकड़े न जा सकें। कुछ मामलों में, गिरोह ने असली पुर्जों की आड़ में नकली पुर्जे बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केट और क्लासीफाइड एड का भी इस्तेमाल किया।
डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया, ज़ब्त की गई सामग्री में एक लाख से ज़्यादा नकली पुर्जे जैसे ब्रेक पैड, फ़िल्टर, क्लच प्लेट और स्पार्क प्लग, नकली ब्रांडेड इंजन ऑयल की 200 बोतलें, जाली पैकेजिंग, स्टिकर, होलोग्राम, प्रिंटिंग उपकरण और 19 लाख रुपये नकद शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि इस अभियान में करोल बाग के नाई वालान, गुरु नानक मार्केट, सुभाष मोहल्ला और पूषा लेन स्थित चार संपत्तियों को निशाना बनाया गया। पुलिस ने बताया कि नकली पुर्जों को असली ब्रांडेड पुर्जों की पैकेजिंग और दिखावट से हूबहू मिलता-जुलता डिज़ाइन किया गया था, जिससे ग्राहकों या मैकेनिकों के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता था।
डीसीपी ने बताया, अन्य प्रमुख आरोपियों में अमित सिंह है। वह लॉजिस्टिक्स और अकाउंटिंग का काम संभालता था। दीपांकर नागपाल उर्फ विक्की, जो नकली लेबल और होलोग्राम मुहैया कराने और पैकेजिंग का कारोबार चलाता था। हर्ष कुमार और रिंकू, जो नकली पुर्जों की बिक्री और स्पलाई का काम संभालते थे।




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