कौशांबी डिपो से इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, कई सुविधाएं मिलेंगी; लाइव लोकेशन भी देख सकेंगे
उत्तर प्रदेश के कौशांबी डिपो से लंबी दूरी के लिए 28 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम जून से बसों को सड़कों पर उतारेगा। परिवहन निगम का दावा है कि दस दिनों में बसों का पंजीकरण और अन्य तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

उत्तर प्रदेश के कौशांबी डिपो से लंबी दूरी के लिए 28 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम जून से बसों को सड़कों पर उतारेगा। परिवहन निगम का दावा है कि दस दिनों में बसों का पंजीकरण और अन्य तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
लंबी दूरी के सफर को आरामदायक बनाने और डीजल बसों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लंबे रूट पर परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना तैयार की थी। इसके लिए करीब एक वर्ष पहले साहिबाबाद डिपो के लिए लगभग 61 करोड़ रुपये की लागत से 38 ई-बसें भेजी गई थीं। बसों के परिचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है, जहां एक साथ आठ बसों को चार्ज किया जा सकता है।
दस बसों का परिचालन पहले ही शुरू किया जा चुका है। शेष 28 बसों का परिचालन वीएलटीडी (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) न लगा होने के कारण अटका हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि डिपो में खड़ी 28 ई-बसों में वीएलटीडी लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके तुरंत बाद बसों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अगले माह से बसों का परिचालन संभव है।
इन बसों का संचालन कौशांबी डिपो से मुरादाबाद, कासगंज, मुजफ्फरनगर और नजीबाबाद समेत कई प्रमुख रूटों पर किया जाएगा। सबसे अधिक बसें मुरादाबाद रूट पर चलाई जाएंगी, क्योंकि इन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर और कासगंज रूट पर भी चरणबद्ध तरीके से बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि इससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
ई-बसों में एयर कंडीशनर, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, डिजिटल डिस्प्ले और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लगने के बाद यात्री मोबाइल ऐप के जरिए बसों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। इससे यात्रियों को बसों के आने-जाने की सटीक जानकारी मिलेगी।




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