गाजियाबाद में तीन दरोगा समेत 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड, चेन छिनैती रोकने में भी हुए थे नाकाम
इनमें चेन छिनैती की घटनाओं को रोकने में विफल रहने, गश्त में लापरवाही बरतने और विभागीय पत्रावलियों के उचित रखरखाव में उदासीनता जैसे आरोप शामिल हैं। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।

गाजियाबाद मे ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में सोमवार को तीन दरोगाओं समेत 7 पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए। इनमें चेन छिनैती की घटनाओं को रोकने में विफल रहने, गश्त में लापरवाही बरतने और विभागीय पत्रावलियों के उचित रखरखाव में उदासीनता जैसे आरोप शामिल हैं। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।
सिहानी गेट थानाक्षेत्र के लोहिया नगर इलाके में सोमवार सुबह बाइक सवार दो बदमाशों ने चेन छिनैती की घटना को अंदाम दिया। डीसीपी नगर धवल जायसवाल ने इस घटना को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में प्रभावी गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी में कमी रही।
अधिकारियों ने माना कि यदि क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बेहतर होती तो घटना को रोका जा सकता था। इस मामले में लोहियानगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कमलदेव सिंह, उपनिरीक्षक मनीष वर्मा, मुख्य आरक्षी अजय कुमार और आरक्षी रोहित कुमार को ड्यूटी में लापरवाही और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन न करने का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीसीपी नगर का कहना है कि अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, इसके बावजूद यदि किसी क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता सामने आती है तो संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
दूसरी कार्रवाई कविनगर थाना क्षेत्र में हुई। गोविंदपुरम जी-ब्लॉक में 16 मई की सुबह चेन छिनैती की घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि चीता मोबाइल पर तैनात मुख्य आरक्षी मलखान सिंह ने गश्त और निगरानी के दौरान अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
तीसरा मामला पुलिस लाइंस कार्यालय से जुड़ा है। यहां तैनात लिपिक उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह और मुख्य आरक्षी राजीव कुमार पर विभागीय पत्रावलियों के उचित व्यवस्थापन में लापरवाही बरतने का आरोप लगा। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड और पत्रावलियों के रखरखाव में अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
इस कार्रवाई के पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने स्पष्ट कहा कि पुलिस में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी स्तर पर ढिलाई मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए गश्त व्यवस्था, बीट पुलिसिंग और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने और अधीनस्थ कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।




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