द्वारका एक्सप्रेसवे पर जल्द खत्म होने वाले हैं जाम के दिन! अब NHAI करेगा ये काम
Dwarka Expressway News: द्वारका एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या से जल्द राहत मिल सकती है। एनएचएआई अब इसका स्थायी समाधान ढूंढेगा।जाम खत्म होने से उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों से गुरुग्राम में नौकरी एवं व्यवसाय के लिए जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

दिल्ली को गुरुग्राम से जोड़ने वाले द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) पर जाम की समस्या से जूझ रहे वाहन चालकों को जल्द राहत मिल सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
इसके लिए जल्द ही एक सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी, जो एक्सप्रेसवे पर मौजूदा परिस्थितियों का अध्ययन कर समाधान के विकल्प सुझाएगा। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि समाधान में एक्सप्रेसवे पर ढांचागत संशोधन की जरूरत पड़ सकती है। जाम की समस्या का समाधान होने से उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों से हर दिन गुरुग्राम में नौकरी एवं व्यवसाय के लिए जाने वाले लोगों को राहत मिल जाएगी।
द्वारका एक्सप्रेसवे दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली के द्वारका, पालम, उत्तम नगर, नजफगढ़ के साथ राजधानी से सटे हरियाणा के जिलों से लाखों लोग रोजाना गुरुग्राम स्थित अपने दफ्तर जाते हैं। इस दौरान रोजाना इस एक्सप्रेसवे पर लगने वाले भीषण जाम से इन लोगों को काफी परेशानी होती है।
जाम के पीछे इंजीनियरिंग की कमी को कारण मान रहे लोग
लोगों के मुताबिक, गुरुग्राम की तरफ जाने के लिए टनल में ही दूसरी तरफ मुड़ते हैं तो जाम लगता है। जहां पर टनल से निकलने का रास्ता है, वहीं धौला कुआं से रजोकरी रोड की ओर आ रहा एनएच-48 मिलता है। एनएच-48 ऊपर है और उससे आ रहे वाहनों के दबाव के कारण द्वारका एक्सप्रेसवे के टनल से बाहर निकलने में वाहनों को काफी समय लगता है। व्यस्ततम समय में यहां कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। लोग इसे इंजीनियरिंग की कमी मानते हैं। उनका कहना है कि टनल से निकलने के रास्ता साफ होना चाहिए था, लेकिन मर्जिंग पॉइंट के अवरोध के चलते जाम लगने से रोज 40 से 50 मिनट बर्बाद होते हैं।
जाम से अधिक खर्च हो रहा पेट्रोल-डीजल
द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्ते गुरुग्राम जाने वालों की मानें तो जाम की वजह से उनकी ईंधन की खपत अधिक होती है। जाम मिलने के कारण रोज का 100 से 120 रुपये का ईंधन अधिक लगता है। ऐसे में 2500 से 3000 रुपये का आर्थिक बोझ जेब पर पड़ रहा है। जाम घटे तो यह पैसा बचेगा।
हर्ष मल्होत्रा, राज्यमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, ''द्वारका एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या है। टीम के साथ व्यस्ततम समय में निरीक्षण कर समस्या को खुद देखा है। एनएचएआई को इसका समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। सलाहकार की मदद से समाधान तलाशने की दिशा में जल्द काम शुरू कराया जाएगा।''




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