दिल्ली यूनिवर्सिटी में हुई हाथापाई के मामले में कुलपति की अपील, क्या बोले?
दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के समर्थन में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बवाल की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस बवाल पर डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह का बयान सामने आया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के समर्थन में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कल शुक्रवार को भारी बवाल हो गया। महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने भीड़ की ओर से बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि उनकी ब्राह्मण जाति के कारण लगभग 500 लोगों की भीड़ ने घेरकर उन पर हमला किया और जान से मारने, रेप की धमकियां दीं। उन्होंने पुलिस पर भी मूकदर्शक बने रहने का भी आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
डीयू कुलपति की यह अपील
इस हंगामे और बवाल पर डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह का बयान सामने आया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से गुजारिश करता हूं कि सभी आपस में सौहार्द बनाए रखें। कोई भी ऐसा काम नहीं करें जिससे आपसी मनमुटाव बढ़े और राष्ट्र एवं विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचे। दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार जो घटना हुई वह चिंता का विषय है।
पुलिस प्रशासन से की बात
प्रो. योगेश सिंह ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय में भारत के सभी प्रदेशों और समुदायों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। सामाजिक सौहार्द सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चीज है। ऐसे में इसे बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। मैंने आज कई विद्यार्थी समूहों और शिक्षक समूहों से बातचीत की है। मैंने पुलिस प्रशासन से भी बात करके यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं होनी चाहिए जिससे सामाजिक सद्भाव को कोई नुकसान पहुंचे।
सर्वोच्च अदालत पर बनाए रखें भरोसा
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि यूजीसी के जो नए नियम आए हैं वह अभी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अत: मैं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वह भारत सरकार पर अपना भरोसा बनाए रखें और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार करें।
ब्राह्मण होने के चलते हमला- रुचि तिवारी
पीड़ित महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि ब्राह्मण होने के चलते उन पर हमला किया गया। उन्होंने पुलिस पर भी मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया है। पत्रकार रुचि तिवारी ने कहा- मेरे साथ हुई बदसलूकी का वीडियो हर जगह मौजूद है। लोग अंदाजा लगा सकते हैं कि किसने किसे भड़काया? बाकायदा मेरा नाम और मेरी जाति पूछी गई। इशारा कर के भीड़ को उकसाया गया। इसके बाद मुझ पर हमला कर दिया। मुझ पर कैसे हमला किया वीडियो में साफ देखा जा सकता है। अराजक तत्वों में शामिल लड़कियों ने मेरे कानों में रेप की धमकी दी और कहा गया कि आज तेरा नंगा परेड निकलेगा।
छात्र संगठनों के बीच आरोप प्रत्यारोप
इस पूरे प्रकरण पर छात्र संगठनों के बीच भी आरोप प्रत्यारोप देखा जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान जर्नलिस्ट पर हमला किया गया। दूसरी ओर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का अपना दावा है। आईसा का कहना है कि उसकी ओर से जर्नलिस्ट को बचाने की कोशिश की गई लेकिन उन पर हमला कर दिया गया। आईसा ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ की भारी मौजूदगी के बावजूद हमलावरों को खुली छूट दी गई। यह संकेत है कि वे यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन के लिए बढ़ते आंदोलन से डरे हुए हैं।




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